वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के कार्यान्वयन पर अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन किया| इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। PM मोदी ने कहा कि,'अखिल भारतीय शिक्षा समागन का आयोजन उस धरती पर हो रहा हैं जहां पर आजादी से पहले देश की महत्वपूर्ण विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी|
PM मोदी ने कहा कि,'हम केवल डिग्री धारक युवा तैयार न करें, बल्कि देश को आगे बढ़ने के लिए जितने भी मानव संसाधनों की ज़रूरत हो, हमारी शिक्षा व्यवस्था वो देश को दें। इस संकल्प का नेतृत्व हमारे शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों को करना है| हमारे युवा कुशल हों, आत्मविश्वासी हों, व्यावहारिक और गणनात्मक हो, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है|
उन्होंने कहा,''हमारे देश में मेधा की कभी कोई कमी नहीं रही है। लेकिन दुर्भाग्य से हमें ऐसी व्यवस्था बनाकर दी गई थी कि पढ़ाई का मतलब केवल नौकरी करना ही माना जाने लगा था| शिक्षा में ये विकार गुलामी के कालखंड में अंग्रेजों ने अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए और अपने लिए एक सेवक वर्ग तैयार करने के लिए किया था|
मोदी ने कहा कि,'हमारे शिक्षक जितनी तेज़ी से इस भावना से आत्मसात करेंगे उतनी तेज़ी से छात्र-छात्राओं, देश के युवाओं को लाभ होगा। नए भारत के निर्माण के लिए नई व्यवस्थाओं का निर्माण उतना ही ज़रुरी है|
उन्होंने कहा,''कोरोना की इतनी बड़ी महामारी से हम न केवल इतनी तेजी से उबरे, बल्कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक हैं। आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं| स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी वहां अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। देश की बेटियों के लिए, महिलाओं के लिए भी जो क्षेत्र पहले बंद हुआ करते थे, आज वो सेक्टर बेटियों की प्रतिभा के उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं|
नई नीति में पूरा फोकस बच्चों की प्रतिभा और चॉइस के हिसाब से उन्हें skilled बनाने पर है। हमारे युवा skilled हों, confident हों, practical और calculative हो, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है|
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लिए देश के एजुकेशन सेक्टर में एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर overhaul पर भी काम हुआ है। आज देश में बड़ी संख्या में नए कॉलेज खुल रहे हैं, नए विश्वविद्यालय खुल रहे हैं, नए IIT और IIM की स्थापना हो रही है| राष्ट्रीय शिक्षा नीति अब मातृभाषा में पढ़ाई के रास्ते खोल रही है। इसी क्रम में, संस्कृत जैसी प्राचीन भारतीय भाषाओँ को भी आगे बढ़ाया जा रहा है|