वायनाड: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वायनाड में कार्यालय में तोड़फोड़ की गई| केरल में सत्तारूढ़ माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) की छात्र इकाई एसएफआई (Students' Federation of India) के लोगों ने शुक्रवार दोपहर राहुल गांधी के ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ ,कार्यालय के लोगों, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के कर्मचारियों पर बेरहमी से हमला किया| केरल पुलिस ने कहा, 'करीब 80-100 कार्यकर्ता थे.. उनमें से आठ लोगों को अब तक हिरासत में लिया गया है|
भारतीय युवा कांग्रेस ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया कि एसएफआई कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में तोफोड़ की गई है | कांग्रेस पार्टी ने कहा कि SFI के गुंडों ने पार्टी कार्यालय में मौजूद स्टाफ से मारपीट की। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केरल में जगह जगह विरोध प्रदर्शन शरू भी कर दिया| फ़िलहाल, ऑफिस पर हमले के आरोप में एसएफआई के 8 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है|
वायनाड में कांग्रेस सांसद के दफ्तर में तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है, कुछ लोग राहुल गांधी के दफ्तर की खिड़कियों पर चढ़ गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। हाथों में SFI के झंडे लिए कुछ लोग दफ्तर के अंदर तक पहुंच गए। फिर लोगों ने नारेबाजी की औस सामान भी तोड़ दिया।
कांग्रेस ने राहुल गांधी के दफ्तर पर हमले के लिए केरल के मुख्यमंत्री को जिम्मेदार बताया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केरल में अराजकता फैल गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर केरल के मुख्यमंत्री इस तरह के उपद्रवियों को संरक्षण क्यों दे रहे हैं। केरल कांग्रेस के नेता और विधायक टी सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के दफ्तर पर यह पूर्व नियोजित हमला था। उन्होंने भी राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री पी विजयन पर सवाल खड़े किए।
दरअसल, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने संरक्षित क्षेत्रों, वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों के आसपास के एक किलोमीटर इलाके को पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) क्षेत्र घोषित कर दिया है। इस फैसले से नाराज इन लोगों की मांग है कि राहुल गांधी इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ें।
SFI ने यह आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया कि राहुल गांधी ने केरल के पहाड़ी इलाकों में जंगलों के आसपास ‘बफर जोन' बनाए जाने के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं किया| सत्तारूढ़ माकपा की छात्र शाखा एसएफआई का विरोध मार्च उस वक्त हिंसक हो गया, जब प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सांसद के कार्यालय में प्रवेश किया और कथित तौर पर तोड़फोड़ की। पुलिस ने आठ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है। घटना के बाद पथराव और लाठीचार्ज में एक पुलिस अधिकारी के घायल होने की सूचना है।
वायनाड कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना पर जानकारी देते हुए कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाली ने कहा, “आज दोपहर करीब 3 बजे एसएफआई कार्यकर्ताओं और नेताओं के एक समूह ने वायनाड सांसद राहुल गांधी के कार्यालय पर जबरन अतिक्रमण कर लिया. उन्होंने कार्यालय के लोगों, राहुल गांधी के कर्मचारियों पर बेरहमी से हमला किया। हमें इसका कारण नहीं पता|
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के वायनाड कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना पर कांग्रेस नेता ने कहा, “उनका कहना है कि वे (SFI) बफर जोन के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं. मुझे नहीं पता कि इस मामले में राहुल गांधी की क्या भूमिका है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार, अगर उस मुद्दे में कुछ भी करने योग्य हो सकता है, तो वह केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन द्वारा किया जा सकता है|
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा,''वायनाड के आम लोगों को देखकर राहुल गांधी ने सीएम को उनके हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखा। उन्होंने पीएम को पत्र भी लिखा है। लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा है कि ये एसएफआई लड़के किस हिसाब से राहुल गांधी के कार्यालय तक मार्च कर रहे हैं और उस पर हमला कर रहे हैं|
वेणुगोपाल ने कहा,'''यह पुलिस की मौजूदगी में हुआ। यह सीपीएम नेतृत्व की स्पष्ट साजिश है। पिछले 5 दिनों से ईडी उनसे पूछताछ कर रही है उसके बाद मुझे नहीं पता कि केरल सीपीएम, नरेंद्र मोदी पर हमला करने के रास्ते में क्यों जा रही है। मुझे लगता है कि सीताराम येचुरी आवश्यक कार्रवाई करेंगे|
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''यह संगठित गुंडों की गुंडागर्दी है। इस हिंसा के सामने कानून का राज एक समझौता पत्र है। इस सुनियोजित हमले के लिए माकपा सरकार जिम्मेदार है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ऑफिस पर हमले को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में हर किसी को अपनी राय जाहिर करने का हक है, लेकिन इसकी हद नहीं तोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने हिंसा को पूरी तरह गलत बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही।