नई दिल्ली : यूक्रेन ने रूस को पिछले चार दिनों से कीव के बाहर रोक कर रखा है। इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि, अगले 24 घंटे यूक्रेन के लिए सबसे कठिन होने वाले हैं। वहीं जी 7 नेताओं ने यूक्रेन के विदेश मंत्री से बात की। उन्होंने कहा कि रूस के खिलाफ लड़ाई में सभी देश यूक्रेन का समर्थन जारी रखेंगे। इधर, रूसी हमलों में यूक्रेन के 352 आम नागरिकों की मौत हुई है। 16 बच्चे मारे गए है। रविवार को यूक्रेन के गृह मंत्रालय ने बताया कि रूस के हमले में अभी तक 14 बच्चों समेत यूक्रेन के 352 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 116 बच्चों समेत 1,684 लोग घायल हुए हैं।
भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. इगोर पोलिखा ने बताया,''बहुत सारे नागरिक हताहत हो रहे हैं। हमारे मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार रूसी शांति-संघर्ष अभियान के परिणामस्वरूप पहले ही बम विस्फोटों, गोलाबारी आदि से 16 बच्चे मारे जा चुके हैं| कल रूस के हवाई जहाजों के लिए यूरोप के हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था। रूसी अर्थव्यवस्था हर दिन चरमरा रही है। रूस हताहत हो रहा है। लगभग 5,300 रूसी सैनिकों ने अपनी जान गंवाई है|
जंग को खत्म करने के लिए दोनों देश आज 3:30 बजे बेलारूस में बातचीत करेंगे। इसके लिए रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल बेलारूस बॉर्डर पर पहुंच गए हैं। इसी के साथ यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस से कहा कि वे अपनी सेना को यूक्रेन के बॉर्डर से हटाए। दूसरी तरफ, बेलारूस, रूस का साथ देने के लिए यूक्रेन में सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय का कहना है कि रूस के साथ बातचीत का उसका मुख्य लक्ष्य तत्काल युद्धविराम और रूसी सैनिकों की वापसी है| इसी बीच यूरोपी देश लातविया ने अपने नागरिकों को यूक्रेन की जंग में शामिल होने की छूट दे दी है। यहां की संसद ने एक प्रस्ताव पास किया है। इसमें कहा गया है कि अगर लातविया के आम लोग यूक्रेन में जाकर लड़ना चाहते हैं तो जा सकते हैं। इसके पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दुनिया भर के लोगों से रूस के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की अपील की थी।