काबुल: काबुल एयरपोर्ट पर गुरुवार देर शाम कुछ ही मिनटों के भीतर दो बड़े धमाके हुए| काबुल हवाई अड्डे पर विस्फोटों में कम से कम 12 अमेरिकी सैनिकों समेत 60 अफगान मारे गए| रिपोर्ट्स के अनुसार आत्मघाती हमलों में करीब 60 लोग मारे गए हैं, जबकि 100 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
काबुल में अमेरिकी दूत ने वहां दूतावास के कर्मचारियों को बताया कि शहर के हवाई अड्डे पर हमले में चार अमेरिकी मरीन मारे गए और तीन घायल हो गए, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा।
अफ़ग़ानिस्तान के एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने स्थानीय नागरिकों के मरने वालों की संख्या 60 बताई है| जबकि कई अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इस हमले की पुष्टि की है| उन्होंने कहा कि काबुल हवाई अड्डे के पास दो विस्फोटों में 52 लोग घायल हुए हैं.. हालांकि विस्फोट में हताहतों का सटीक आंकड़ा नहीं है| जबकि काबुल सर्जिकल सेंटर में 30 से ज्यादा मरीज भर्ती कराए जा चुके हैं| इसपर तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद नईम ने बताया कि तालिबान को अभी तक इस बारे में जानकारी नहीं है कि काबुल हवाई अड्डे पर आतंकवादी हमले में किसका हाथ है|
भारत ने की कड़ी निंदा
काबुल में हुए बम धमाकों की भारत ने कड़ी निंदा की है। भारत ने कहा- दुनिया को आतंकवाद और उन सभी लोगों के खिलाफ एकजुट होने की सख्त जरूरत हैं जो आतंकवादियों को पनाहगाह मुहैया कराते हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा- हम काबुल में धमाकों की निंदा करते हैं। हम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करते हैं। ये धमाका बताता है कि हमें आतंकवाद और इसे पोषित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री बोले- पूरा करेंगे टास्क
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड जे ऑस्टिन ने कहा- मैं काबुल धमाके में मारे गए लोगों के प्रति शोक प्रकट करता हूं। इस घटना के बावजूद हमने अपने हाथों में जिस काम को लिया है, उसे पूरा करेंगे।
अमेरिकी दूतावास ने जारी किया अलर्ट
काबुल में अमेरिकी दूतावास ने एक बार फिर अपने नागरिकों को अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट की तरफ यात्रा न करने की सलाह दी है। हामिद करजई एयरपोर्ट के बाहर हुए दो धमाकों के बाद ये अलर्ट जारी किया है। आज सुबह भी दूतावास ने इसी तरह का अलर्ट जारी किया था।
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि काबुल एयरपोर्ट के ऐबी गेट के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने इस घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर फायरिंग करते हुए आया और उसने खुद को बम से उड़ा लिया। एयरपोर्ट के इस गेट पर ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के सैनिक तैनात रहते हैं। वहीं, दूसरा आत्मघाती हमला एयरपोर्ट के सामने मौजूद बैरन होटल के बाहर हुआ, जो कि ऐबी गेट के ही काफी करीब है। गौरतलब है कि इस हमले से कुछ देर पहले ही आईएस के आतंकियों द्वारा धमाका करने की आशंका जताई गई थी। इसका मकसद पश्चिमी देशों के उन सैनिकों को निशाना बनाना था, जो अफगान शरणार्थियों को देश से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं।