कोपेनहेगन: भारत और डेनमार्क ने कोपेनहेगन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन की उपस्थिति में लेटर ऑफ इंटेंट और MoUs का आदान-प्रदान किया। डेनिश पीएम फ्रेडरिक्सन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने कहा,'आपके खूबसूरत देश में मेरी ये पहली यात्रा है और अक्टूबर में मुझे आपका स्वागत करने का मौका मिला। इन दोनों यात्राओं से हमारे संबंधों में निकटता आई है। हमारे दोनों देश लोकतंत्र और कानून के शासन जैसे मूल्यों को तो साझा करते ही हैं, साथ में हम दोनों की कई पूरक ताकत भी हैं|
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा,''डेनमार्क और भारत अपनी हरित सामरिक साझेदारी को कुछ ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत सरकार का हरित बदलाव और भारत की जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता बढ़ाने को लेकर महत्वाकांक्षाएं काफी ज़्यादा हैं|
प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा,''हमने कई मूल्यों को साझा किया। हम दो लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं और हम दोनों एक नियम से चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास करते हैं। ऐसे समय में हमें अपने बीच के संबंधो को और भी मजबूत करने की जरूरत है।
फ्रेडरिक्सन ने कहा,''हमने यूक्रेन संकट पर भी चर्चा की| हमने यूक्रेन में नागरिकों के खिलाफ किए गए भयानक अपराधों और गंभीर मानवीय संकट के परिणामों पर चर्चा की। बुचा में नागरिकों की हत्या की खबरें बेहद चौंकाने वाली हैं। हमने इन हत्याओं की निंदा की है और हम एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल देते हैं"
डेनिश पीएम ने कहा, डेनमार्क और पूरे यूरोपीय संघ ने यूक्रेन पर रूस के गैरकानूनी और अकारण आक्रमण की कड़ी निंदा की। मेरा संदेश बहुत स्पष्ट है कि - पुतिन ये युद्ध रोके और हत्याओं को। मुझे उम्मीद है कि भारत इस चर्चा में रूस को भी प्रभावित करेगा
कोपेनहेगन में डेनिश पीएम ने कहा,''मैं भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 2022 में हम दोनों के बीच कल भी अपने नॉर्डिक सहयोगियों के साथ चर्चा जारी रखने के लिए उत्सुक हूं|
आज हमने भारत-EU रिश्तों, Indo-Pacific और Ukraine सहित कई क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की: PM मोदी
डेनिश पीएम फ्रेडरिक्सन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'आज हमने भारत-EU रिश्तों, Indo-Pacific और Ukraine सहित कई क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत की। हम आशा करते हैं कि India-EU Free Trade Agreement पर negotiations यथाशीघ्र संपन्न होंगे| हमने एक Free, Open, Inclusive और Rules-based इंडो-पसिफ़िक क्षेत्र को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। हमने यूक्रेन में तत्काल युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की|