इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistani PM Imran Khan) के ख़िलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए महत्वपूर्ण नेशनल असेंबली सत्र कल (रविवार) सुबह 11:30 बजे होगा| फिलहाल,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार का घर जाना करीब-करीब तय हो गया है। हालांकि, इमरान और उनके मंत्री लगातार यही दावा कर रहे हैं कि सरकार को कोई खतरा नहीं है। इमरान ने एक इंटरव्यू में फिर नया दावा किया। कहा- मुल्क और दुनिया तैयार रहे। मैं रविवार को बड़ा खुलासा करूंगा।
दूसरी तरफ, अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले नेशनल असेंबली की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विपक्ष के नेता शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी (ICT) से हर सांसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। वहीं इस्लामाबाद में भी सुरक्षा लिहाज से रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है। विपक्ष के पीएम पद के उम्मीदवार शहबाज शरीफ की सुरक्षा में पुलिस कमांडो तैनात किए गए हैं।
प्रस्ताव पर वोट नहीं करेंगे PTI के बागी सांसद
अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए विपक्ष ने PTI के असंतुष्ट सांसदों के वोट नहीं डलवाने का फैसला किया है। विपक्ष के मुताबिक, उनके पास प्रस्ताव पारित करवाने के लिए पहले से ही जरूरी नंबर मौजूद हैं, इसलिए जब तक जरूरत नहीं होगी तब तक PTI के बागी सांसद वोट नहीं डालेंगे। मतदान की प्रक्रिया को लेकर सवालों से बचने के लिए ये फैसला किया गया है।
शहबाज को प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे
इमरान खान के बेहद करीबी और कैबिनेट मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता शहबाज शरीफ पर तंज कसा है। चौधरी ने कहा- सपने देखने का हक तो हर किसी को है। अगर शहबाज शरीफ भी वजीर-ए-आजम बनने का ख्वाब पालकर बैठे हैं तो हम क्या कह सकते हैं। वो इतना जरूर ध्यान रखें हम किसी भी सूरत में उन्हें प्रधानमंत्री नहीं बनने देंगे। आप देखेंगे कि चीजें कितनी तेजी से बदलती हैं।
रविवार को होगा मुल्क का फैसला
31 मार्च, 2022 को राष्ट्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि,'' ,रविवार को वोट(पाकिस्तान नेशनल असेंबली में) डाली जाएगी। इस संडे को इस मुल्क का फैसला होने वाला है कि ये मुल्क किस तरफ जाएगा। क्या वही गुलामाना रवैया, भ्रष्टाचारी जिनके खिलाफ नैब में केस पड़े हैं। क्या वही गुलाम नीति, भ्रष्ट लोग जिन पर 30 साल से भ्रष्टाचार के आरोप हैं| जितने भी खुशहाल मुल्क हैं, वहां सबसे ताकतवर मुजरिम को दबाकर रखा जाता है, लेकिन पाकिस्तान में इसका इंतजाम नहीं है।
इमरान खान ने कहा था,''''इमरान को साढ़े तीन साल हुए हैं, आप तो तीस साल से थे, तो ये जो हाल खराब हुए हैं क्या ये साढ़े तीन साल में हुए हैं। जो साढ़े तीन साल में हुआ है वो विपक्ष के तीस सालों में नहीं हुआ है। अब जो फैसला होना है कि 3 तारीख को होगा। किसी ने मुझसे कहा था कि आप इस्तीफा दे दें। मैंने हमेशा आखिरी बॉल तक क्रिकेट खेली है। जो भी नतीजा हो मुझे आखिर तक लड़ना है। मुझे देखना है कि कौन अपने जमीर का सौदा करेगा। अगर कोई हमारी नीतियों के खिलाफ था तो उसे रिजाइन करना था, तब नहीं जब आपको 25 करोड़ रुपये ऑफर हो रहे थे। मैं पूछना चाहता हूं कि हमारे नौजवानों को हम क्या सबक दे रहे हैं।
मुल्क का सौदा हो रहा है
इमरान खान ने कहा था,''''ये कोई छुपी बात नहीं है। कोई नहीं मानेगा कि आसिफ जरदारी, शहबाज शरीफ या फजल-उर-रहमान कोई बेहतर आदमी हैं। ये सिर्फ और सिर्फ मुल्क का सौदा हो रहा है, हमारी स्वायत्ता का सौदा है। मुझे उम्मीद है कि जो लोग अपना सौदा कर के बैठे हैं, ये हमेशा के लिए आपके ऊपर निशान लग जाएगा। लोग आपको भूलेंगे नहीं, न माफ करेंगे। लोग आपको हैंडल करने वालों को भी नहीं भूलेंगे। लोग कहेंगे कि आपने अपने मुल्क का सौदा कर लिया। आपने उस सरकार को गिराने की कोशिश की, जिसकी आजाद नीतियां थीं।
आपको नस्लें माफ नहीं करेंगी
इमरान खान ने कहा था,''ये जो आप करने जा रहे हैं, आपको नस्लें माफ नहीं करेंगी। ये मेरी कौम से कमिटमेंट है कि जब तक मेरे अंदर खून है मैं इससे लड़ूंगा। नवाज शरीफ ने इस दौर में 18 फैक्ट्रियां बनवा ली थीं, लेकिन मैंने ऐसा कुछ नहीं किया। इस कौम से जो गद्दारी हो रही है, मैं चाहता हूं कि एक-एक गद्दार की आप शक्ल याद रखना। ये चाहे कुछ भी कहें, आप इनकी बात नहीं मानना। ये कौम न ये भूलेगी न आपको माफ करेगी, न जो आपके पीछे हैं, उन्हें माफ करेगी। मुझे अल्लाह ने मुकाबला करने का दम दिया है। मैं स्ट्रगल कर के यहां पहुंचा हूं। मैं किसी हालत में इसे सफल नहीं होने दूंगा।
पाकिस्तान मेरे से सिर्फ पांच साल बड़ा
इमरान खान ने कहा था,''मेरे पाकिस्तानियों, मैं आपसे बड़ी अहम बात करना चाहता हूं। इसकी वजह ये है कि पाकिस्तान ऐसे मोड़ पर है, जब हमारे सामने दो रास्ते हैं और हमें कौन सा रास्ता लेना है। मैं चाहता हूं कि आज आपसे दिल की बातें करूं। मैं पाकिस्तान की पहली जेनरेशन था। पाकिस्तान मेरे से सिर्फ पांच साल बड़ा है। पाकिस्तान को एक इस्लामिफलाई रियासत बनना है। हमारे फाउंडिंग फादर्स ने लिखा था कि हमें मदीना की तरह की रियासत बनना है। मैंने अपने मैनिफेस्टो में लिखा था कि हमारे तीन मकसद रहेंगे- एक इंसाफ, दूसरा इंसानियत, तीसरा मकसद था खुद्दारी। एक मुसलमान कौम गुलाम नहीं हो सकती। सबसे बुरी चीज अल्लाह को लगती है कि जब आप किसी को भी अल्लाह की जगह पर रखते हैं। ये जो आप गुलामी करते हैं पैसे की, या किसी डर की यह इस्लाम में गलत है।
मैं अपनी कौम को किसी की गुलामी नहीं करने दूंगा
इमरान खान ने कहा था,अगर अल्लाह मेरे में ईमान न डालता तो मैं राजनीति में ही क्यों आता। मैं जब स्कूल में था तो लोग पाकिस्तान की मिसालें देते थे। लेकिन पाकिस्तान को जिस तरह की जिल्लत मिली। मैं अपनी कौम को किसी की गुलामी नहीं करने दूंगा। जब मुझे तख्त मिला तो मैंने फैसला किया कि हमारी फॉरेन पॉलिसी आजाद होगी। इसका ये मतलब नहीं कि हम एंटी इंडिया या एंटी अमेरिका या एंटी यूरोप होंगे। हिंदुस्तान में जो मेरी दोस्ती थीं, वो क्रिकेट की वजह से थीं। इंग्लैंड मेरा दूसरा घर था। मैंने कभी किसी इंसानी मासरे की खिलाफत नहीं की। उनकी गलत पॉलिसी का जरूर विरोध करता हूं।