नई दिल्ली: अमेरिकी सैनिकों के हटने के कदम के बाद से अफगानिस्तान में तालिबान का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है| अमेरिकी सैनिकों के हटने के कदम के बाद से अफगानिस्तान में सुरक्षा हालात खराब हुए। 150 के आसपास ज़िलों में युद्ध के हालात है। तालिबान ने 200-250 ज़िलों को अपने कब्ज़े में ले लिया है| तालिबान के एक डेलिगेशन ने दावा किया कि उसने अफगानिस्तान के कुल 398 जिलों में से 250 पर कब्जा जमा लिया है। इसमें ईरान से लगते सीमांत इलाके भी शामिल हैं।
भारत में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने कहा,''अमेरिका ने जब से अप्रैल के बाद अफ़ग़ानिस्तान से अपनी सेना को हटाने का ऐलान किया तब से अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा हालात खराब हुए। 150 के आसपास ज़िलों में युद्ध के हालात है। तालिबान ने बहुत सारे ज़िलों को अपने कब्ज़े में ले लिया है|
भारत में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने कहा,हमारी सेना कार्रवाई कर रही है। हमारी सेना ने पिछले 3 दिनों में 10 ज़िले वापस ले लिए हैं। उम्मीद है कि हम बाकी ज़िलों को भी वापस ले लेंगे। अगले कुछ हफ्तों में हालात बदलेंगे|
राजदूत फरीद मामुन्दजई ने कहा,''तालिबान को पाकिस्तान से मदद मिल रही है। तालिबान का पाकिस्तान के क्वेटा, पेशावर में नेतृत्व परिषद है। तालिबान के परिवार और निवेश पाकिस्तान में है। तालिबान को पाकिस्तान की मदद नहीं मिलती तो अफ़ग़ानिस्तान में हालात ख़राब नहीं होते| इनसे दोस्ती अच्छी नहीं है। आज इन बुरे हालातों से हमारा सामना हो रहा है कल शायद पाकिस्तान की भी नौबत आ जाए।
पाकिस्तान से अपील करते हुए फरीद मामुन्दजई ने कहा,''हमारी पाकिस्तान से निवेदन है कि तालिबान से दोस्ती ना करे। आतंकवाद से दोस्ती कभी रंग नहीं लाती है| उन्होंने कहा,''हमने हमेशा कहा है कि पाकिस्तान में शूराओं की मौजूदगी हमारे लिए बहुत चिंता का विषय रही है। उनके परिवार अभी भी वहीं रहते हैं। उनके पास वर्तमान में पाकिस्तान में मौजूद समर्थन और बुनियादी ढांचा है, हम इसे बदलना चाहते हैं
राजदूत मामुन्दजई ने कहा,''अप्रैल से अब तक 3,600 से अधिक नागरिक मारे गए हैं। करीब 1000 सैनिक शहीद हुए हैं, 3000 से अधिक घायल हुए हैं। इसलिए हम मानव जीवन के साथ जो कीमत चुकाते हैं वह अद्वितीय है| हम हिंसा की तीव्रता से चिंतित हैं और हम तालिबान से आह्वान करते हैं कि उन्हें हिंसा बंद करने की जरूरत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बलों की वापसी काफी हद तक पूरी हो चुकी है। निर्दोष लोगों के रक्तपात को समाप्त करने का समय आ गया है|
मामुन्दजई ने कहा,''मामुन्दजई ने कहा,''भारत ने हमें वायु सेना में जितनी मदद दी है उस तरह की मदद हमें अब तक इस इलाके में किसी दूसरे देश ने नहीं दी। जितने हथियार हमें भारत ने दिए हैं उतने हथियार हमें अब तक किसी दूसरे देश ने नहीं दिए। इसके लिए मैं भारत का धन्यवाद करता हूं|