आगरा: जयंत चौधरी के बयान 'मैं कोई चवन्नी नहीं कि पलट जाऊं' पर आगरा में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,''जयंत जी बच्चे हैं, अभी-अभी मैदान में आए हैं। उनके पिता कितनी बार दल-बदल कर चुके हैं, हमें पता नहीं था कि इतिहास का ज्ञान इतना कमजोर है। बच्चों को माफ कर देना चाहिए|
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,'जयंत चौधरी के पिता ने कई बार दल बदले। पहली बार जीतने पर वे किसके सहयोगी थे? पता नहीं उन्हें इतिहास का कमजोर ज्ञान है। बच्चों को माफ कर देना चाहिए|
दरअसल,केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाहकी ओर से राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी को भाजपा के साथ आने का ऑफर दिया गया था। जयंत चौधरी ने इस न्योते को ठुकराते हुए तमाम सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया। उन्होंने कहा, 'मैं कोई चवन्नी नहीं जो पलट जाऊं।'
जयंत चौधरी ने कहा था कि, ये लोग कहां गए थे जब लखीमपुर में किसानों को कुचला गया, रौंदा गया। पशु के ऊपर भी कोई इस तरह से गाड़ी, इंसानियत रखने वाला, कोई भी इंसान इस तरह की वारदात नहीं करेगा। आज भी वे लोग मंत्री बने बैठे हैं। ये लोग कहां थे जो आज मुझसे-आपसे उम्मीद कर रहे हैं। मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा। ये हमारे मान-सम्मान की बात है। ये फैसले मैं अकेले नहीं लेता। बहुत सोच विचार कर हमने ये फैसला लिया है।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जाट समुदाय से एक बार फिर समर्थन हासिल करने की कोशिश में जुटी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोकदल को साथ आने का ऑफर दे दिया था। बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा था कि जयंत चौधरी गलत रास्ते पर चले गए हैं और बीजेपी ने उनके लिए अपने दरवाजे अब भी खुले रखे हैं। वहीं, जयंत चौधरी ने बीजेपी के ऑफर को ठुकराते हुए कहा था कि उनकी बजाय बीजेपी को उन 700+ किसान परिवारों का न्योता देना चाहिए, जिनके घर उजड़ गए।