आगरा: जनपद आगरा के थाना मलपुरा व अछनेरा क्षेत्रान्तर्गत हुई डकैती व लूट की घटनाओं का पुलिस ने पर्दाफास कर दिया है। थाना मलपुरा व एसओजी टीम के संयुक्त ने 6 आरोपित को गिरफ्तार करके 2 चेचिस आयशर 60 लाख रुपये, स्वराज 855 ट्रैक्टर (8 लाख) और ब्रेजा कार बरामद कर लिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार 24 फरवरी 2022 को अछनेरा थाना क्षेत्र निवासी हरवीर सिंह से ट्रैक्टर व 45 हजार रू0 लूट लिए गए थे| 28 फरवरी को थाना मलपुरा क्षेत्र निवासी राजाराम से दो नये आयसर ट्रक चैसिस लूट लिए गए थे इन दोनों घटनाओं को एक ही गैंग ने अंजाम दिया था| इन मामलों की जांच के लिए पुलिस और एसओजी टीम की टीम को लगाया गया था|
थाना मलपुरा व एसओजी टीम के संयुक्त ने डकैती व लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों रिजवान, इमरान, शकील
शाहरूख और सोहिल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया है|| पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 टायरा व 16 टायरा के 2 चैसिस आयशर कम्पनी, 1 ट्रैक्टर व 1 ब्रेजा कार सहित अन्य सामान बरामद किया है| घटनाओं में शामिल अन्य 6 बदमाश फरार हैं। फरार 6 आरोपियों (
लुकमान, शाकिर ,शाद, मुकिम, मुरसलीम और इकराम ) की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें तलाश कर रही हैं।
26 फरवरी को पीड़ित हरवीर सिंह द्वारा तहरीर दी गयी कि दिनांक 24 फरवरी को मैं अपने स्वराज ट्रैक्टर को अपने गांव से अछनेरा होकर किरावली जा रहा था तो दो अज्ञात व्यक्तियों ने कार ट्रैक्टर के आगे लगाकर रोक दिया और दोनों ने असलाह के बल पर मुझे ट्रैक्टर से उतार दिया और ट्रैक्टर व 45 हजार रू0 लेकर भाग गये। इस सम्बन्ध में थाना अछनेरा पर मामला पंजीकृत किया गया था।
इसी प्रकार 2 मार्च को पीड़ित राजाराम द्वारा थाना मलपुरा पर तहरीर दी गयी कि मैं व मेरे गांव के प्रहलाद सिंह दोनों ही ड्राइवर एवं आयशर कम्पनी में कार्य करते हैं। 28 फरवरी को हम दोनों युवराज लजिस्टिक प्रीतम पुर इन्दौर से दो नये आयसर ट्रक चैसिस लेकर फरीदाबाद व गुड़गांव जा रहे थे कि रात्रि को हम लोग जैसे ही आगरा ग्वालियर हाइवे से दक्षिण बाईपास पर कट से चढ़े तो मन्जीत ढाबा से आगे एक ब्रिजा कार ने हम लोगों को ओवरटेक किया और कहने लगे कि तुम लोग हमारी गाड़ी का एक्सीडेन्ट कर के आये हो, उन्होंने असलाह के बल पर हमसे मारपीट करते हुए दोनों चैसिस लूट लिये और हमें कार में सीट के नीचे डालकर ले गये और हमें घुमाने के बाद नगला सांवला के पास हाईवे से नीचे फेंक गये। इस सम्बन्ध में थाना मलपुरा पर मामला पंजीकृत किया गया था।
उपरोक्त घटनाओं के सफल अनावरण व संलिप्त अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद आगरा के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण(पश्चिमी) के नेतृत्व में, क्षेत्राधिकारी अछनेरा के सफल पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मलपुरा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। घटनाओं में संलिप्त अभियुक्तगण की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा था।
11 मार्च को एसओजी टीम व थाना मलपुरा पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुयी कि उपरोक्त घटना में संलिप्त अभियुक्तगण इस समय दक्षिणी बाईपास महुअर पुल के पास से गुजरने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम योजना बनाकर महुअर पुल के पास छिप गयी और एक टीम चैकिंग करने लगी। कुछ समय बाद एक कार, एक चैसिस व ट्रैक्टर आते हुए दिखायी दिये। चैकिंग करने वाली पुलिस टीम द्वारा रूकने का इशारा किया गया। पुलिस टीम को देख सभी गाड़ियां चैकिंग से पहले रूक गयीं और मुड़कर भागने का प्रयास करने लगी। दूसरी पुलिस टीम द्वारा तत्काल चारों ओर से सभी को घेर लिया और 5 अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर अपना नाम इमरान, शकील, रिजवान, शाहरूख व सोहिल बताया गया। चेचिस के बारे में पूछने पर उसके द्वारा बताया गया कि यह चेसिस हमने लुकमान तथा साकिर, शाद मुकिम , मुरसलीम इकराम (समस्त निवासी गण जैवत थाना पुन्हाना जिला नूंह हरियाणा) सभी सातों ने मिलकर 01-02 मार्च की रात्रि मे इसी रोड पर आगे रेलवे पुल से पहले ढाबे के पास से एक व्यक्ति को बन्धक बनाकर उससे लूटा था। उसी दिन कुछ देर बाद हम सातों ने एक और सफेद रंग के चेसिस आयसर कम्पनी का छ: चक्का ड्राइवर को बन्धक बनाकर लूटा था। बरामदा चेचिस के ड्राइवर रिजवान द्वारा बताया गया कि इस चेचिस को हम लोग बदल बदल कर चला रहे थे।
रिजवान ने बताया कि आज से लगभग 15 दिन पहले अछनेरा चौराहे से एक ट्रैक्टर के आगे कार लगाकर चालक के तमंचा दिखाकर लूटा था । उस दिन घटना में हमारे अन्य साथी लुकमान , शाकिर , साद , मुकीम , मुरसलीम तथा इकराम उपरोक्त सभी लोग शामिल थे, जो उस दिन कार से मैं और इकराम ही उतरे थे और बाकी सभी कार में ही बैठे रहे थे ट्रैक्टर को भी आज हम लोग बेचने के लिये धौलपुर ले जा रहे थे। पूछताछ के आधार पर उपरोक्त पंजीकृत अभियोग मु0अ0सं0 110/22 में धारा 394 भादवि का लोप करते हुए 395 भादवि की बड़ोत्तरी की गयी।