बांदा: यूपी के बांदा जिले में जिला पंचायत सदस्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। शहर कोतवाली क्षेत्र के इंदिरा नगर में रहने वाली भाजपा नेत्री और जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर की मौत हो गई। घर में उनका शव साड़ी के फंदे से लटकता मिला। पति डॉ. दीपक सिंह गौर भी भाजपा नेता हैं। वह मौके से फरार हैं। उनका फोन भी स्विच ऑफ है। बांदा के वार्ड नंबर 12 से भाजपा की समर्थित जिला पंचायत सदस्य व पूर्व आईपीएस राज बहादुर सिंह की बहू है श्वेता सिंह गौर ।
घर में फांसी के फंदे पर झूलता मिला जिला पंचायत सदस्य श्वेता सिंह गौर का शव| सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। साथ ही पति दीपक सिंह की तलाश शुरू कर दी है। इस मामले में बांदा के SP अभिनंदन का कहना है कि श्वेता सिंह गौर ने घर में फांसी लगाकर सुसाइड किया है। उनके इस कदम के पीछे पति से विवाद को वजह बताया जा रहा है। हालांकि, लोगों ने हत्या की आशंका जताई है।
पुलिस मामले को आत्महत्या मान रही है जबकि मृतका के मायके वालों ने भाजपा नेता व अधिवक्ता पति पर ही हत्या का आरोप लगाया है। पति फरार है और मोबाइल भी स्विच ऑफ है। एसपी अभिनंदन का कहना है कि पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आ रही है।
एसपी अभिनंदन ने बताया कि सुसाइड की सूचना पर पुलिस, डॉग स्कवॉड और अन्य टीम मौके पर पहुंची। कमरा बंद कर श्वेता सिंह ने फांसी लगाई थी। पूछताछ में पता चला है कि पति-पत्नी के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। ससुराल और मायके पक्ष के बीच समझौता होना था। आज सुबह भी दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद ही श्वेता सिंह ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
बताया जा रहा है,''मृतका के टूटे हुए मोबाइल भी मिले हैं। फोरेंसिक टीम जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष डॉ. दीपक सिंह गौर की पत्नी श्वेता (35) जसपुरा क्षेत्र में वार्ड-12 (जसपुरा प्रथम) से जिला पंचायत सदस्य के साथ ही भाजपा महिला मोर्चा की महामंत्री भी थीं। दीपक का पैतृक गांव मरझा (जसपुरा) है। दीपक और श्वेता अपनी तीनों बेटियों मित्तो (14), गौरी (10) व अविष्का (8) के साथ शहर के इंदिरा नगर स्थित आवास में रहते थे।
बुधवार की सुबह 10 बजे जब नौकर छेदीलाल ने श्वेता के कमरे के बाहर से आवाज दी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर नौकर ने पड़ोस में रहने वाले श्वेता के रिश्तेदार व कुछ पड़ोसियों को बुलाया। इसके बाद जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो सामने पंखे के सहारे साड़ी से श्वेता का शव लटकते देख सभी के होश उड़ गए। कमरे के बाहर आंगन में श्वेता के दो मोबाइल भी टूटे हुए मिले। एसपी समेत पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड भी मौके पर पहुंचा।
छेदीलाल ने पुलिस को बताया कि मित्तो लखनऊ हॉस्टल में रहती है, गौरी सुबह अपने स्कूल चली गई थी और अविष्का कर्वी में अपनी ननिहाल में है जबकि दीपक का कुछ पता नहीं चल रहा है। उनकी कार भी घटना के वक्त घर पर नहीं थी। मौके पर पहुंचे श्वेता के पिता धर्मवीर सिंह और भाई ओमकार ने दीपक पर ही हत्या का आरोप लगाया है। एसपी के मुताबिक श्वेता और दीपक के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे। इसको लेकर मायके व ससुराल पक्ष के बीच पंचायत भी हो चुकी है। उधर, श्वेता के शव का पोस्टमार्टम तीन डाक्टरों के पैनल द्वारा कराया जा रहा है।
मौत से पहले श्वेता ने कहा- घायल नागिन, घायल शेरनी और अपमानित स्त्री से हमेशा डरना चाहिए
बता दें, मौत से एक दिन पहले उन्होंने स्टेटस लगाया था 'घायल नागिन घायल शेरनी और अपमानित स्त्री से हमेशा डरना चाहिए।' इसको लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।,'',मालूम हो कि ,'' श्वेता जसपुरा क्षेत्र के वॉर्ड 12 से BJP की जिला पंचायत सदस्य और भाजपा में महिला मोर्चा की जिला महामंत्री भी थीं। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है।