लखनऊ: यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र करते हुए बसपा चीफ मायावती और बीजेपी पर निशाना साधा है| उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने बीजेपी को वोट देने का काम किया, जिसके बाद अब इंतजार है कि बीजेपी मायावती को राष्ट्रपति बनाती है या या नहीं|
बता दें कि,''यूपी चुनाव में मिली करारी हार को लेकर मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव का जिक्र कर कहा था,'''यूपी में बीजेपी ने सोची-समझी रणनीति के तहत RSS के जरिये के दलितों में गलत प्रचार करवा कर वोट ले लिया कि, बीएपी की सरकार नहीं बनने पर हम बहनजी को देश का राष्ट्रपति बनवा देंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी और आरएसएस की ओर से हमारे समर्थकों के बीच भ्रामक प्रचार किया गया| इन लोगों ने हमारे समर्थकों के बीच साजिश के तहत इस तरह का प्रचार किया कि अगर बसपा की सरकार नहीं बनी तो हम आपकी बहनजी को राष्ट्रपति बना देंगे| आप बीजेपी को सत्ता में आने दें|
बसपा ने बीजेपी को वोट दिया है,''अब सवाल यह है कि क्या बीजेपी मायावती को बनाएंगे बनाएगी?
आज यानी बुधवार (27 अप्रैल 2022) को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,''BSP ने अपना वोट दे दिया BJP को, अब इंतज़ार इस बात का है क्या BJP Mayawati को राष्ट्रपति बनाएंगे या नहीं बनाएंगे|
बीजेपी ने सोची-समझी रणनीति के तहत RSS के जरिये के दलितों में गलत प्रचार करवा कर वोट लिया:मायावती
27 मार्च, 2022 मायावती ने कहा था,;UP चुनाव 2022 में बी.एस.पी. को कमजोर व खत्म करने के लिए बीजेपी ने एक सोची समझी रणनीति व साजिश के तहत् अपने आर.एस.एस. (RSS) संगठन के जरिये इस बात का हमारे लोगों के बीच में यह काफी गलत प्रचार करवाया है कि यू.पी. में बी.एस.पी. की सरकार नहीं बनने पर फिर हम आपकी बहनजी को देश का राष्ट्रपति बनवा देंगे।
इसीलिए आपको बीजेपी को सत्ता में आने देना चाहिये, जबकि वास्तव में मेरे लिए देश का राष्ट्रपति बनना तो बहुत दूर की बात है बल्कि इस बारे में मैं अपने सपने तक में भी ऐसा बनने को लेकर कुछ सोच भी नहीं सकती हूँ।
मायावती ने कहा आगे था,; बीजेपी के लोग जानते हैं कि बहुत पहले कांशीराम को राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव मिला था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था और मैं तो उनके पदचिन्हों पर चलने वाली उनकी मजबूत शिष्या हूँ। अर्थात् जब इन्होंने यह पद स्वीकार नहीं किया। तो भला फिर मैं यह पद कैसे स्वीकार कर सकती हूँ क्योंकि हमें यह मालूम है कि ऐसा करने से फिर अन्त में हमारी पार्टी ही खत्म हो जायेगी| मैं अपनी पार्टी के सभी छोटे-बड़े पदाधिकारियों को फिर से यह स्पष्ट कर देना चाहती व मूवमेन्ट के हित में कभी भी बीजेपी व अन्य किसी पाटी का भी राष्ट्रपति का पद स्वीकार नहीं कर सकती हूँ और इससे अब पार्टी के लोगों को आगे कभी भी गुमराह नहीं होना है।