भोपाल/नई दिल्ली: देश में कोरोना के साथ-साथ एक और संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के बाद अब हिमाचल प्रदेश और केरल में भी बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। इन राज्यों में सैकड़ों पक्षियों को मार दिया गया है। केरल ने राज्य में इसे राजकीय आपदा घोषित कर दिया है।
इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बर्ड फ्लू पर वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा,''बर्ड फ्लू को लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री जी ने उच्चस्तरीय बैठक की और निर्देश दिया कि बर्ड फ्लू के पूरे मामले की जिला स्तर पर निगरानी हो। मध्य प्रदेश की सरकार इस पूरी स्थिति का जायज़ा ले रही है|
विश्वास सारंग ने कहा,CM के निर्देश पर जिलों में रैंडम चेकिंग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पोल्ट्री फार्म और खाने वाले पक्षी में ये (बर्ड फ्लू) वायरस न फैले। अभी तक पोल्ट्री और मुर्गी में ये वायरस नहीं गया है|"उन्होंने कहा,''खबर है कि केरल में खाने के पक्षियों में यह वायरस फैला है। CM का निर्देश है कि दक्षिण के राज्य केरल सहित जहां से भी म.प्र. में मुर्गी का आयात होता है उस पर निगरानी रखी जाए और हम सुनिश्चित करेंगे कि वायरस मध्य प्रदेश में कहीं भी न फैले|
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा,''बर्ड फ्लू किसी भी पोल्ट्री फार्म में नहीं पाया गया। केरल सहित दक्षिण के राज्यों में बर्ड फ्लू पाया गया है। इन राज्यों से जो मुर्गा और मुर्गी आते हैं उस पर हम रोक लगाएंगे। चिंता की जरूरत नहीं है हम पूरी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं|
इधर केंद्रीय मंत्री संजीव बलयान का कहना है कि हमें पांच राज्यों हिमाचल प्रदेश, केरल, राजस्थान, हरियाणा और मध्यप्रदेश से ए1 इंफ्लूएंजा की रिपोर्ट्स मिली हैं। हरियाणा में यह वायरस पोल्ट्री में संक्रमित हो गया है, जबकि बाकी राज्यों में जंगली और प्रवासी पक्षियों में ही इसे देखा गया है।केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये इंसानों में फैल सकता है लेकिन अभी तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है। इसका कोई इलाज नहीं है। सभी राज्यों को सतर्कता बरतने के निर्देश दे दिए हैं।
राजस्थान, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद 'पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार' ने दिल्ली में एक कंट्रोल रूम की स्थापना की है, ताकि राज्य अधिकारियों की ओर से किए जा रहे बचाव और नियंत्रण उपायों पर निगरानी की जा सके।
मध्यप्रदेश: मध्य प्रदेश में मरे हुए कौवों में घातक वायरस पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने राज्य में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, मंदसौर में मृत मिले कौवों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है।
हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में पौंग झील अभयारण्य में अब तक 2739 प्रवासी और स्थानीय पक्षियों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने मुर्गिंयों, बतखों और अंडों की बिक्री पर रोक लगा दी है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मृत पक्षियों को जमीन में दफनाया जा रहा है।
उत्तराखंड: हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू की दस्तक को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने राज्य में मंगलवार को अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि राज्य में अभी तक किसी पक्षी की मौत का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कई राज्यों में बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपने यहां पशुपालन विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए हैं।
हरियाणा: अधिकारियों की माने तो हरियाणा के पंचकूला में पिछले दस दिन में चार लाख से ज्यादा पोल्ट्री पक्षियों की मौत हो गई है। हालांकि राज्य के पशुपालन और डेयरी विभाग का कहना है कि इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि इन पक्षियों की मौत एवियन इन्फ्लुएंजा से हुई है या नहीं। इन पक्षियों के नमूने जालंधर भेज दिए गए हैं और अभी इनकी रिपोर्ट नहीं आई है।
गुजरात: गुजरात में भी बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। यहां के जूनागढ़ जिले में खारो जलाशय में करीब 53 पक्षी मृत पाए गए हैं। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जहरीले खाने की वजह से पक्षियों की मौत हुई है।
राजस्थान: राजस्थान के बारां में 100 से ज्यादा पक्षियों की रहस्मयी मौत के बाद वन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। राजस्थान सरकार का कहना है कि अब तक की जांच में इंसानों के लिए कोई खतरे की बात नहीं है। राजस्थान के झालावाड़, कोटा समेत 16 जिलों में अब तक 625 पक्षी जान गंवा चुके हैं। झालावाड़ के पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि अभी तक 100 कौवों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा मोर, कबूतर और कोयल की मौत हुई है। कल 53 पक्षियों की मौत हुई थी। अभी तक इसके पीछे का संदिग्ध कारण बर्ड फ्लू ही नजर आ रहा है क्योंकि दूसरी कोई वजह नहीं है।
केरल: केरल के अलपुझा और कोट्टायम जिलों में बडे़ पैमाने पर मंगलवार को संक्रमित पक्षियों को मारने का अभियान शुरू हो गया है। यहां पर करीब 50 हजार पक्षियों को मारा जाएगा। केरल में अब तक 1700 बतखों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा केरल में बर्ड फ्लू के प्रकोप के बाद मैसूर-केरल सीमा के एचडी कोटे तालुक में बोधी चेक पोस्ट पर जिला प्रशासन द्वारा मुर्गी और अन्य पक्षियों के परिवहन पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा केरल के कोट्टायम की जिलाधिकारी एम अंजना नींदूर पंचायतों में से किसी एक किसान की बत्तख में बर्ड फ्लू पाया गया है। इंसानों में बर्ड फ्लू के लक्षण है या नहीं, इसके लिए जांच शुरू कर दी गई है।