चंडीगढ़: भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार पंजाब के आईएएस अधिकारी संजय पोपली के इकलौते बेटे कार्तिक पोपली (26) की चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। परिवार का आरोप कि पंजाब पुलिस ने रेड के दौरान उनके बेटे को गोली मारी। घटना के वक्त विजिलेंस टीम पोपली के चंडीगढ़ स्थित घर पर जांच के लिए पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि कार्तिक को विजिलेंस टीम ने गोली मारी है। वहीं, चंडीगढ़ के एसएसपी ने कहा कि कार्तिक ने अपने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारी है।
संजय पोपली की परिजन अनु प्रीत ने बताया,''विजिलेंस की टीम संजय पोपली को कमरे में लेकर गई और कहा कि कागज पर साइन करो वरना आपके बेटे के साथ अच्छा नहीं होगा। फिर लड़के को ऊपर ले गए। हम सब को नीचे रहने को कहा। थोड़ी देर बाद गोली की आवाज आई। उन्होंने कार्तिक पोपली को गोली मार दी|
चंडीगढ़ के SSP कुलदीप सिंह चहल ने बताया,"यहां पर विजिलेंस की टीम एक मामले में जांच के लिए इनके घर आई थी। टीम जब यहां आई तो एक गोली की आवाज़ आई। बाद में पता चला की IAS ऑफिसर (संजय पोपली) के बेटे ने खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली है|
संजय पोपली के बेटे की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए आरोपों पर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के DSP अजय कुमार ने कहा,''यह जांच का विषय है। लेकिन ये आरोप निराधार हैं। रिकवरी करने के लिए जो टीम गई थी उसने घर के अंदर कदम भी नहीं रखा। जहां से रिकवरी करनी थी वो जगह बिल्कुल घर के बाहर थी| मौके से 12.5 किलो सोना, 3 किलो चांदी, 5 मोबाइल, 3.5 लाख रुपए नकदीऔर चांदी के सिक्कों सहित अन्य सामान बरामद हुआ|