चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने की सूचना है। बताया जा रहा है कि ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। वहीं, चमोली जिले के नदी किनारे की बस्तियों को पुलिस लाउडस्पीकर से अलर्ट कर रही है। कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी किनारे बसे लोग मकान खाली करने में जुटे।
धौलीगंगा नदी का जल स्तर चमोली जिले के तपोवन क्षेत्र के रैनी गाँव में एक बिजली परियोजना के पास अचानक हिमस्खलन के बाद बढ़ गया।चमोली के जिलाधिकारी ने अधिकारियों को धौलीगंगा नदी के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को बाहर निकालने का निर्देश दिया है|जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।
चमोली पुलिस ने कहा,''तपोवन क्षेत्र में एक ग्लेशियर के टूटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया है। अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं|
उत्तराखंड मुख्यमंत्री ने कहा,''चमोली जिले से एक आपदा की सूचना मिली है। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभागों को स्थिति से निपटने के लिए निर्देशित किया गया है। किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है|
चमोली जिले के तपोवन इलाके में रैणी गांव में एक बिजली परियोजना पर हिमस्खलन के बाद धौलीगंगा नंदी में जलस्तर अचानक बढ़ गया है| निजले इलाके में रहने वाले लोगों को ऊपरी इलाकों में भेजा जा रहा है| ग्लेशियर फटने के कारण जलस्रोतों में बाढ़ आ गई और नदी किनारे के कई घर नष्ट हो गए। हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका। बचाव के लिए सैकड़ों आईटीबीपी के जवान पहुंचे| बचावकर्मी चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र के रेनी गाँव पहुँचे।
CM त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा,चमोली के रिणी गांव में ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को भारी बारिश व अचानक पानी आने से क्षति की संभावना है। नदी में अचानक पानी आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को हटाया जा रहा है| रावत ने कहा,''एहतियातन भागीरथी नदी का फ्लो रोक दिया गया है। अलकनन्दा का पानी का बहाव रोका जा सके इसलिए श्रीनगर डैम तथा ऋषिकेष डैम को खाली करवा दिया है। SDRF अलर्ट पर है। मेरी आपसे विनती है अफवाहें न फैलाएं। मैं स्वयं घटनास्थल के लिए रवाना हो रहा हूं|
रावत ने कहा,''यदि आप प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और आपको किसी सहायता की आवश्यकता है। कृपया आपदा परिचालन केंद्र संख्या 1070 या 9557444486 पर संपर्क करें|