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25 अगस्त 2026

UKSSSC Paper Leak Case: एग्जाम पेपर लीक मामले में रिम्स कंपनी लखनऊ का मालिक समेत 2 गिरफ्तार, अब तक 26 लोग पकड़े जा चुके है

देहरादून : UKSSSC Paper Leak Case: उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रिम्स कंपनी लखनऊ के मालिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार…

UKSSSC Paper Leak Case: एग्जाम पेपर लीक मामले में रिम्स कंपनी लखनऊ का मालिक समेत 2 गिरफ्तार, अब तक 26 लोग पकड़े जा चुके है
UKSSSC Paper Leak Case: एग्जाम पेपर लीक मामले में रिम्स कंपनी लखनऊ का मालिक समेत 2 गिरफ्तार, अब तक 26 लोग पकड़े जा चुके है — लखनऊ, उत्तर प्रदेश | फ़ोटो: TVL News

 देहरादून : UKSSSC Paper Leak Case:  उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रिम्स कंपनी लखनऊ के मालिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (Uttarakhand Subordinate Service Selection Commission)  मामले में एसटीएफ की यह 26वीं गिरफ्तारी है।



एग्जाम पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने रिम्स कंपनी लखनऊ (यूपी) के मालिक राजेश चौहान को गिरफ्तार किया है, जो किउत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले की 25वीं गिरफ्तारी है। इसके अलावा बाराबंकी उत्तर प्रदेश से कंपनी के एक अन्य कर्मचारी प्रदीप पाल को भी गिरफ्तार किया गया है। जो कि पेपर लीक प्रकरण में 26वीं गिरफ्तारी है।



जानकारी के अनुसार,' यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने रिम्स कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान के बाद उसके कर्मचारी प्रदीप पाल को भी गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ ने पेपर लीक करने और केंद्रपाल और अन्य के माध्यम से सौदा करने के साक्ष्य के आधार पर राजेश चौहान को गिरफ्तार किया है। दूसरा गिरफ्तार आरोपित प्रदीप पाल भी लम्बे समय से आयोग में कार्यरत था। इसके द्वारा ही पेन ड्राइव के माध्यम से प्रश्न पत्र चुराया गया और अपने साथियों की मदद से परीक्षार्थियों को लाखों रुपये में बेचा गया था।



वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) अजय सिंह ने कहा कि उत्तराखंड एसटीएफ ने पेपर लीक करने के आरोप में रिम्स कंपनी लखनऊ के मालिक राजेश चौहान को गिरफ्तार किया है। उसे आरोपी केंद्रपाल और अन्य के माध्यम से किए गए सौदे के साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। अब तक 25 गिरफ्तारियां हुईं|



इससे पहले, एसटीएफ ने 26 अगस्त 2022 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर निवासी केंद्रपाल को बिजनौर जिला जेल के बाहर से गिरफ्तार कर लिया था, जो ज़मानत पर छूटा हुआ था। केंद्रपाल को इस मामले में मास्टरमाइंड हाकम सिंह (भाजपा, उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य) का करीबी बताया जा रहा है|  केंद्रपाल पहले ऑटो चलाने का काम करता था|



एसटीएफ ने बताया कि, बिजनौर जिले में धामपुर निवासी केंद्रपाल के हाकम सिंह, चंदन मनराल, जगदीश गोस्वामी और ललित के साथ गहरे संबंध थे| मास्टरमाइंड की भूमिका केंद्रपाल अपने विभिन्न संपर्क के माध्यम से पहले पेपर लीक करने की व्यवस्था था और फिर मोटी रकम वसूल कर अपने नेटवर्क से डील तय करता था|



अभियुक्त चंदन मनराल एवं अभियुक्त हाकम सिंह वर्ष 2011 से काफी करीबी मित्र हैं। वर्ष 2011-12 में केंद्र पाल की मुलाकात हाकम सिंह रावत से हरिद्वार के एक लेबर कांट्रेक्टर के जरिए हुई। इसके बाद दोनों में काफी अच्छी दोस्ती हो गई। केंद्रपाल पूर्व में गिरफ्तार अभियुक्त जगदीश गोस्वामी को साल 2019 से जानता है। इस गिरोह से जुड़ने के बाद केंद्रपाल करोड़ों का मालिक बन गया है। उसकी हाकम सिंह के साथ रिजॉर्ट के व्यापार में साझेदारी है। 



वर्ष 2012 में अभियुक्त केंद्रपाल की चंदन मनराल से हुई। अभियुक्त चंदन मनराल की मुलाकात केंद्रपाल से धामपुर के एक व्यक्ति के माध्यम से हुई थी।  पूछताछ में केंद्रपाल ने बताया कि साल 1996 में वह टेंपो चलाता था। इसके बाद उसने कपड़ो की दुकान में काम किया। वह सप्लाई का काम करता था। करीब 10 साल पहले वह अभियुक्त प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने के गिरोह में शामिल हो गया| 


दोषियों की संपत्तियां जब्त होगी: धामी 

UKSSSC पेपर लीक पर उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने  25 अगस्त 2022 को कहा कि,''उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले की पुलिस जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए है। भर्ती प्रक्रिया में जिन लोगों ने अपराधिक कृत्य किया है उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। माफिया गिरोह संगठित होकर गिरोहबंदी न कर पाए इसलिए उनकी संपत्तियां ज़ब्त की जाएंगी और उनपर रासुका, गैंगस्टर जैसी धाराएं भी लगाई जाएंगी|



21वीं गिरफ्तारी

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के प्रश्नपत्र लीक मामले में एसटीएफ ने शनिवार, 20 अगस्त 2022 को 21वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। एसटीएफ ने कहा था कि रामनगर स्थित एक एनजीओ के संचालक चंदन सिंह मनराल को अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। चंदन सिंह मनराल (63 वर्ष) लखनपुर रामनगर का निवासी है|



एसटीएफ के मुताबिक आरोपी चंदन सिंह मनराल ने पूछताछ में बताया कि इस धंधे से अर्जित कर उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई हैं| इसमें कई एकड़ जमीन, स्टोन क्रशर, ट्रैवल एजेंसी और 10 स्कूल बस सहित करोड़ों की अन्य संपत्ति शामिल है| आरोपी चंदन सिंह मनराल ने नकल माफियाओं से गठजोड़ का करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है| इन संपत्ति में करीब 15 एकड़ जमीन पीरुमदार में, 10 बीघा खेती की भूमि रामनगर में, मनराल स्टोन क्रशर पीरुमदार में, जिसमें करीब सात बड़े ट्रक एवं तीन पोकलैंड शामिल हैं|



मनराल ट्रैवल्स एजेंसी में करीब 13 बस शामिल हैं| जिनमें से 10 बस स्कूलों एवं 3 बसें पहाड़ में चलती है| बाल महिला कल्याण समिति नाम से एनजीओ, रामनगर में 3 मंजिला मकान, ऑफिस और आधा बीघा मुख्य सड़क पर कमर्शियल प्लॉट, आधा दर्जन से अधिक बैंक खाते शामिल है|



उत्तर प्रदेश के नकल माफिया के तार रामनगर में जुड़े होने के चलते पूर्व में गिरफ्तार कुछ अभियुक्त और नकल करने वाले छात्रों से गहन से पूछताछ में अहम साक्ष्य मिले थे| इसके आधार पर चंदन सिंह मनराल से एसटीएफ की इंटेरोगेशन टीम ने लंबी पूछताछ करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया| अभियुक्त चंदन सिंह मनराल ने कुछ छात्रों को टेंपो ट्रैवलर में लेकर परीक्षा के पहले एक रात प्रश्न पत्र और उत्तर याद करवाए थे और वापस धामपुर से सेंटर पर छोड़ा था|



22 वीं गिरफ्तारी

एसटीएफ ने  मामले में 21 अगस्त 2022 को 22वीं गिरफ्तारी की है| पेपर लीक मामले में कुछ छात्रों के बयानों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पूछताछ के बाद एसटीएफ ने जगदीश गोस्वामी निवासी चांदी खेत पोस्ट ऑफिस गनाई, थाना चौखुटिया, जिला अल्मोड़ा को गिरफ्तार किया था| एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी जगदीश गोस्वामी राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मलसूना, कांडा जिला बागेश्वर में नियुक्त है| जगदीश गोस्वामी ने इलाके और आसपास के छात्रों को इकठ्ठा कर परीक्षा के पहले रात को वाहन से धामपुर ले जाकर प्रश्न पत्र एवं उत्तर याद कराया और फिर वापस परीक्षा केंद्रों पर छोड़ दिया था|



23वीं गिरफ्तारी

स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पेपर लीक मामले में 25 अगस्त 2022 को पंतनगर विवि के पूर्व एईओ (असिस्टेंट एस्टेब्लिसमेंट ऑफिसर) दिनेश चंद्र जोशी को  गिरफ्तार किया था। मामले में यह अब तक 23वीं गिरफ्तारी थी। आरोपी लखनऊ की प्रेस से जुड़ा था और परीक्षा के प्रशन पत्र हल्द्वानी एवं आसपास के अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराए थे। उसे 80 लाख रुपये मिले थे।



एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि कुसुमखेड़ा हल्द्वानी में रहने वाले पूर्व एईओ दिनेश चंद्र जोशी को एसटीएफ ने गहन पूछताछ और साक्ष्यों एवं इलेक्ट्रोनिक सबूतों के आधार पर गिरफ्तार किया है। आरोपी साल 2006 से 2016 तक विवि की परीक्षा सेल में कार्यरत था।



UKSSSC पेपर लीक मामला

गौर हो कि बीती 24 जुलाई को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में फर्जीवाड़े को लेकर बड़ा खुलासा हुआ था| 22 जुलाई को थाना रायपुर पर उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा की जा रही है|



यह भी पढ़ें: जूनियर इंजीनियर गिरफ्तार, 20वीं गिरफ्तारी 


बता दें कि बीते साल 2021 में 4 और 5 दिसंबर को उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 916 पदों के लिए ग्रेजुएट लेवल की परीक्षा आयोजित करवाई गई थी| जिसमें प्रदेश के तकरीबन 2 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी| जिसका परीक्षा परिणाम भी घोषित हो चुका है और डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इसी बीच पेपर लीक के खुलासे के बाद अभ्यर्थियों के साथ-साथ उत्तराखंड की सियासत गर्म है|


यह भी पढ़ें: एग्जाम पेपर लीक मामले में भाजपा जिपं सदस्य हाकम सिंह गिरफ्तार 


गिरफ्तार 24 आरोपितों के नाम

01- मास्टरमाइंड हाकम सिंह, भाजपा, उत्तरकाशी के जिला पंचायत सदस्य

02-सूर्य प्रताप, अतिरिक्त निजी सचिव, उत्तराखंड सचिवालय में न्याय विभाग

03-एग्जाम पेपर लीक का मास्टरमाइंड तनुज शर्मा

04-हिमांशु कांडपाल निवासी दनिया दौलीगार, धौलादेवी, अल्मोड़ा (नैनीताल रामनगर सीजेएम कोर्ट जूनियर असिस्टेंट )

05-अमरीश गोस्वामी, उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल 

06-जयजीत दास, निवासी पंडितवाड़ी देहरादून

07-मनोज जोशी निवासी ग्राम मयोली अल्मोड़ा (निष्कासित पीआरडी जवान)

08-मनोज जोशी निवासी ग्राम पाटी चंपावत

09-कुलवीर सिंह चौहान निवासी चांदपुर बिजनौर

10-शूरवीर सिंह चौहान निवासी कालसी देहरादून 



UKSSSC Paper Leak Case: एग्जाम पेपर लीक मामले में एक और न्यायिक कर्मचारी गिरफ्तार 


11-गौरव नेगी निवासी किच्छा ऊधमसिंह 

12-महेंद्र चौहान,निवासी उत्तराखंड

13-दीपक शर्मा, निवासी उत्तराखंड

14-दीपक चौहान ,निवासी उत्तराखंड ( उत्तराखंड यूनिवर्सिटी कर्मचारी) 

15-भावेश जगूड़ी,निवासी उत्तराखंड ( उत्तराखंड यूनिवर्सिटी कर्मचारी)

16- गौरव चौहान, अपर निजी सचिव, लोक निर्माण एवं वन विभाग उत्तराखंड सचिवालय

17- अंकित रमोला,  निवासी बड़कोट, उत्तरकाशी

18- जूनियर इंजीनियर ललित राज शर्मा, धामपुर 

19-चंदन सिंह मनराल,  निवासी लखनपुर रामनगर 

22-जगदीश गोस्वामी ,निवासी चांदी खेत, अल्मोड़ा

21- दिनेश चंद्र जोशी, पूर्व एईओ, पंतनगर विवि

22- केंद्रपाल,  निवासी बिजनौर उत्तर प्रदेश

23-राजेश चौहान, मालिक, रिम्स कंपनी लखनऊ

24- प्रदीप पाल, कर्मचारी, रिम्स कंपनी लखनऊ





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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 27 अगस्त 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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