हैदराबाद/नई दिल्ली: दिल्ली और केरल के बाद अब तेलंगाना में मंकीपॉक्स (Monkeypox) के पहले मरीज का पता चला है| तेलंगाना का 40 वर्षीय युवक मंकीपॉक्स की चपेट में आया है| मरीज को हैदराबाद के फीवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है| उनके सैंपल को जांच के लिए एनआईवी लैब, पुणे भेज दिया गया है| तेलंगाना के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर ने इस बात की जानकारी दी|
संक्रमित व्यक्ति कुवैत से लौटा था| मरीज के संपर्क में आए 6 लोगों को आइसोलेट कर दिया गया है| फिलहाल,''उनमें से किसी में भी कोई लक्षण नहीं थे| पूरे देश में अभी तक मंकीपॉक्स के 5 मामले सामने आ चुके हैं, इनमें से तीन केरल और एक दिल्ली के रहने वाले हैं|
रविवर को तेलंगाना के पब्लिक हेल्थ डायरेक्टर ने बताया कि ,''कामारेड्डी के एक 40 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण पाए गए हैं। व्यक्ति का कुवैत यात्रा का इतिहास है। मरीज को हैदराबाद के फीवर अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। उसके नमूने जांच के लिए NIV लैब पुणे भेजे गए हैं। उन्हें आइसोलेट कर दिया गया है| हमने 6 लोगों की पहचान की है जिनका इस व्यक्ति से सीधा संपर्क था। उनमें से किसी में भी कोई लक्षण नहीं थे। हमने उन्हें आइसोलेट कर दिया|
यौन संपर्क से फैले “Monkeypox” के 95% मामले, “Homosexual” सबसे ज्यादा संक्रमित
दिल्ली में भी रविवर को मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया। विदेश ट्रेवल हिस्ट्री के बिना दिल्ली का 31 वर्षीय शख्स मंकीपॉक्स वायरस की चपेट में आया है, जिसे मौलाना आजाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है|
दिल्ली में खतरनाक वायरस 'Monkeypox' की दस्तक
LNJP अस्पताल निदेशक सुरेश कुमार ने कहा,'एक व्यक्ति हमारे पास 2 दिन पहले आया था। भर्ती होने से पहले इसे बुखार के साथ स्किन पर निशान थे। इनकी हालत को देखते हुए हमने इन्हें निगरानी में रखा और टेस्ट के लिए सैंपल पूणे भेजा गया। इनकी रिपोर्ट मंकीपॉक्स पॉजिटिव आई है। ये वायरस कोविड से अलग है|
ये एक DNA वायरस है जिसे हम PCR द्वारा कंफर्म करते है कि मंकीपॉक्स है या नहीं। इनका इलाज हम भारत सरकार और WHO की गाइडलाइन के मुताबिक कर रहे हैं।
75 देशों में मंकीपॉक्स के 16000 से अधिक मामले: WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी
सुरेश कुमार ने कहा,''मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है। ये चिकनपॉक्स से मिलता जुलता वायरस है| इससे बचाव के लिए सबसे महत्वपुर्ण है कि लोग मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। WHO के मुताबिक विश्व में 16,000 से ज्यादा व्यक्ति इससे संक्रमित हैं, करीब 70 लोगों की इससे मृत्यु हुई है। ये वायरस सबसे पहले अफ्रीका में मिला था|