नई दिल्ली: 2018 Rape Case : बलात्कार मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है|सुप्रीम कोर्ट ने कथित 2018 बलात्कार मामले में भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत के संबंध में मुकदमे की सुनवाई से पहले आगे की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। SC ने मामले में भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन के खिलाफ FIR दर्ज करने के दिल्ली HC के हाल ही में लिए गए आदेश पर भी रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने पीड़िता को नोटिस कर जवाब मांगा है| अब मामले की सुनवाई सिंतंबर महीने के तीसरे हफ्ते में होगी|
18 अगस्त, 2022 को बीजेपी नेता और केंद्र व बिहार सरकार में मंत्री रह चुके सैयद शाहनवाज हुसैन ने 2018 के बलात्कार मामले में अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। शाहनवाज हुसैन के खिलाफ रेप के आरोप वाली FIR दर्ज करने के आदेश के मामले पर आज, 22 अगस्त, 2022 कोसुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई| सुप्रीम कोर्ट ने कथित 2018 रेप मामले में भाजपा नेता सैयद शाहनवाज हुसैन के खिलाफ सभी कार्यवाही पर रोक लगाई।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा विचार प्रथम दृष्टया यह है कि मामले पर विचार करने की आवश्यकता है। हम नोटिस जारी कर रहे हैं और सभी कार्यवाही पर रोक लगा रहे हैं।" अब इस मामले की सुनवाई अगले महीने होगी।
बता दें कि, हुसैन के खिलाफ जून 2018 में आईपीसी की धारा 376, 328, 120बी और 506 के तहत अपराध करने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज की गई थी।
दिल्ली की रहने वाली पीड़िता ने जनवरी 2018 में निचली अदालत में याचिका दायर की थी। महिला का आरोप था कि उन्होंने छतरपुर फार्म हाउस में उसके साथ रेप किया और उसे जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने CrPC की धारा 156(3) के तहत दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की थी।
मेट्रोपॉलिटिन मजिस्ट्रेट ने 12 जुलाई 2018 को शाहनवाज के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ उन्होंने (शाहनवाज) रिवीजन पिटीशन लगाई थी। इसे खारिज कर दिया गया था।
बलात्कार मामले में HC के आदेश के खिलाफ SC पहुंचे बीजेपी नेता
इसके बाद शाहनवाज दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे थे, लेकिन यहां भी उन्हें राहत नहीं मिली| दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। HC ने पुलिस से कहा कि पुलिस 3 महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट निचली अदालत को सौंपे। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को फटकार भी लगाई थी। कहा कि उनका रवैया ढीला रहा है। इस बीच, शाहनवाज हुसैन ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।