कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का आज 23वां दिन है। कल गुरुवार को केरल राज्य को पूरा करने के बाद 'भारत जोड़ो यात्रा' शुक्रवार को कर्नाटक पहुंच गयी| 'भारत जोड़ो यात्रा' तमिलनाडु के गुडालुर से कर्नाटक के गुंडलुपेट पहुंची और यह राज्य में करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए सात जिलों से गुजरेगी| यह पदयात्रा चामराजनगर, मैसुरु, मांडया, तुमकुर, चित्रदुर्ग, बेल्लारी और रायचुर जिलों से गुजरेगी| कर्नाटक में यह यात्रा सात लोकसभा क्षेत्रों और 22 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी|
कर्नाटक पहुंचने पर केक्कानहल्ला चेक पोस्ट के पास राज्य कांग्रेस के नेताओं ने राहुल गांधी का स्वागत किया| विपक्ष के नेता सिद्धारमैया, केपीसीसी अध्यक्ष डी.के.शिवकुमार, एम.बी. पाटिल, आर.वी. देशपांडे, वीरप्पा मोइली, के.जे. जॉर्ज और अन्य नेता मौजूद रहे|
इसके बाद कर्नाटक के गुंडलुपेट में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,“इस पदयात्रा का लक्ष्य आपको सुनने का है... लोकतंत्र में संस्थान हैं जिसे विपक्ष के लिए बंद किए गए हैं। संसद में कुछ बोलना चाहें उधर हमारा माइक बंद कर दिया जाता है। विपक्ष के नेताओं को गिरफ़्तार किया जाता है। हमारे पास यही रास्ता बचा है|
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,“कन्याकुमारी से कश्मीर तक 'भारत जोड़ो यात्रा' चलेगी। इसका लक्ष्य जो भाजपा-संघ की विचारधारा नफरत और हिंसा फैला रही है, उसके खिलाफ खड़े होना है| ये यात्रा संविधान की रक्षा की यात्रा है, संविधान के बिना हमारे तिरंगे का कोई मतलब नहीं है|
राहुल गांधी ने कहा,“आपको इस यात्रा में नफरत, हिंसा दिखाई नहीं देगी। इस यात्रा में हर धर्म, हर जाति, हर क्षेत्र, हर भाषा के लोग चल रहे हैं| उन्होंने कहा, “जब भीड़ में धक्का लगता, जब कोई गिरता है, सब लोग उसको उठाते हैं, उसकी मदद करते हैं। कोई ये नहीं पूछता कि तुम्हारा धर्म क्या है, तुम्हारी जाति क्या है, तुम्हारी भाषा क्या है; यही तो हमारा प्यारा हिंदुस्तान है|
उन्होंने कहा, “यही हमारा प्यारा हिंदुस्तान है- शांति का हिंदुस्तान, भाईचारे का हिंदुस्तान। यह यात्रा कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलेगी, इस यात्रा को कोई नहीं रोक सकता, कोई शक्ति इस पदयात्रा को नहीं रोक सकती। क्योंकि ये पदयात्रा हिंदुस्तान की आवाज़ है| इस पदयात्रा में हमसे लोग मिलकर उनका दर्द बताते हैं।
इस पदयात्रा में हमें लोग बेरोजगारी, महंगाई, किसानों के खिलाफ अत्याचार, PSU's के निजीकरण के बारे में बताते हैं| हमारी पदयात्रा के बाद लंबे भाषण नहीं होते। हमारी पदयात्रा का लक्ष्य आपकी बात सुनने का है, आपको बताने का नहीं|
राहुल गांधी ने कहा,“लोकतंत्र में अलग-अलग संस्थाएं होती हैं। मीडिया होती है, संसद होती है; ये सब रास्ते विपक्ष के लिए बंद कर दिए गए हैं। मीडिया में हमारी बात नहीं कही जाती, संसद में बोलना चाहें तो वहां हमारा माइक बंद कर दिया जाता है| सदन को चलने नहीं दिया जाता, प्रदर्शन करने पर विपक्ष को हिरासत में ले लिया जाता है। इसलिए ऐसे समय में हमारे पास यही रास्ता है, हजारों कि.मी. चलकर जनता के बीच जाने का रास्ता बचा है। इस रास्ते पर चलने से हमें कोई शक्ति नहीं रोक सकती|
उन्होंने कहा, “ये यात्रा हिंदुस्तान की आवाज को सुन रही है और हिंदुस्तान की आवाज को कोई शक्ति बंद नहीं कर सकती| जो कर्नाटक का दर्द है, दुख है, उसको आप सब सुनोगे। कर्नाटक में जो भ्रष्टाचार है, बेरोजगारी है, महंगाई है; उसके बारे में आप सबको सुनने को मिलेगा|