नई दिल्ली: बीजेपी सांसद वरुण गांधी लगातार तमाम मुद्दों को लेकर अपनी सरकार पर हमलावर हैं। आज फिर (मंगलवार को) वरुण गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पेपर लीक होने के मामले में बीपीएससी अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है बीपीएससी में हुई धांधली से 6 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है। निष्पक्ष जांच,मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी, परीक्षा की तारीख पर संशय एवं BPSC चेयरमैन की बर्खास्तगी जैसे कई मुद्दे हैं, जिनपर तत्काल कार्रवाई न्याय के साथ विकास की अवधारणा को मजबूती देगी।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर वरुण गांधी ने कहा है कि,' 8 मई को बीपीएससी(BPSC) द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा पेपर लीक होने की वजह से रद्द कर दी गयी थी।
भ्रष्ट तंत्र एवं आयोग के अंदर स्वार्थी व भ्रष्टाचारी तत्वों की मिलीभगत से लगभग 6 लाख अभ्यर्थियों का परिश्रम एवं मूल्यवान समय व्यर्थ चला गया। इससे ना सिर्फ अभ्यर्थियों के मनोबल को गहरा आघात लगा है बल्कि लाखों परिक्षार्थियों का भविष्य भी अधर में लटक गया| कई अभ्यर्थियों ने विभिन्न माध्यमों से मुझसे भी संपर्क किया है। मैंने स्वयं उनसे बात की है और उनकी व्यथा मैं इस पत्र के माध्यम से आपतक पहुंचाने का माध्यम बन रहा हूं।
नीतीश कुमार से वरुण गांधी ने कहा कि,'''मुख्यमंत्री जी, लाखों परिश्रमी यूवा अभ्यर्थी प्रदेश के दूर-दराज से परीक्षा देने अलग-अलग केन्द्रों पर पहुंचे थे। आर्थिक संकट से जूझ रहे कई अभ्यर्थियों ने सड़कों पर रातें गुजार दी, इस उम्मीद में कि परीक्षा निकट भविष्य में पुन: ली जाएगी।
बिहार सरकार द्वारा गठित जांच कमिटी ने आनन फानन में जांच कर इस कांड में सम्मिलित कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की। मगर अभी तक सफेदपोश नकल ??ाफियाओं का बेनकाब होना बाकी है, जो इस कृत्य के सूत्रधार हैं।
गांधी ने CM नीतीश कुमार से कहा कि,''मैं सभी पीड़ित छात्रों की तरफ से आपके समक्ष यह माँग रखता हूँ कि आयोग की इस बड़ी नाकामी के जवाबदेह BPSC के अध्यक्ष को अविलंब बर्खास्त किया जाए तथा नए सिरे से निष्पक्ष जांच कमिटी गठित कर फिर से जांच करवाई जाए। साथ ही साथ लाखों अभ्यर्थियों की पीड़ा को का संज्ञान लेते हुए यह परीक्षा पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए जल्द से जल्द करवायी जाए।
गांधी ने कहा,''मुख्यमंत्री जी, BPSC जैसी प्रतिष्ठित संस्था की गिरती साख को सम्भालें। लाखों युवाओं के साथ साथ महान राज्य बिहार का भविष्य भी आपके हाथों में है। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप इस विषय की गम्भीरता को समझते हुए कठोर कदम उठाएँगे और पूरे देश के समक्ष एक उदाहरण पेश करेंगे।