नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत कई आदिवासी समुदायों को अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गोंड समेत कई जातियों को ST में शामिल किया गया है। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ में ST की सूची में बृजिया समुदाय को जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं उत्तर प्रदेश की गोंड जाति की 5 उपजातियों धुरिया, नायक, ओझा को भी ST में शामिल किया गया है।
कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि,''प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में वर्षों से लंबित पड़े जनजातीय विषयों से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर निर्णय लिए गए हैं|
मुंडा ने कहा कि,''हिमाचल में सिरमोर ज़िले के अंदर ट्रांस-गिरी क्षेत्र में रहने वाले हाटी समुदाय के लोगों के लिए यह फैसला मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया है इससे लगभग 1 लाख 60 हज़ार लोग अब इस सूची में शामिल होंगे|
छत्तीसगढ़ के जिन 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सहमति दी है। वे निम्नानुसार है-
12 समुदायों में- ● भारियाभूमिया ¼BhariaBhumia½ के पर्याय के रूप में भूईंया¼Bhuinya½]
●भूईयां (Bhuiyan) भूयां ¼Bhuyan½ Bharia नाम के अंग्रेजी संस्करण को बिना बदलाव किए भरिया (Bharia) के रूप में भारिया (Bhari) का सुधार।
●पांडो के साथ पंडो, पण्डो, पन्डो
●धनवार (Dhanwar) के पर्याय के रूप में धनुहार (Dhanuhar), धनुवार (Dhanuwar).
●गदबा (Gadba Gadaba)
●गोंड (Gond) के साथ गोंड़
●कौंध (Kondh) के साथ कोंद (Kond)
●कोडाकू (Kodaku) के साथ कोड़ाकू (Kodaku)
●नगेसिया (Nagesia), नागासिया (Nagasiaaaaa) के पर्याय के रूप में
●किसान (Kisan)
●धनगढ़ (Dhangad) का परिशोधन धांगड़ (Dhangad)
कैबिनेट ने संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक पेश करके तमिलनाडु के कुरीविक्करन समुदाय को अनुसूचित जनजाति वर्ग के तहत शामिल करने के मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
कर्नाटक के कडू कुरुबा के पर्याय के रूप में बेट्टा-कुरुबा समुदाय को एसटी का दर्जा दिया। यह भी संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में संशोधन के लिए संसद में एक विधेयक पेश करके किया जाएगा।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में गोंड, इसकी पांच उपजातियों के साथ, उत्तर प्रदेश की एसटी सूची में शामिल थे। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के ट्रांस-गिरी क्षेत्र को आदिवासी का दर्जा भी दिया। निर्णय क्षेत्र के चार ब्लॉकों में हट्टी समुदाय को शामिल करने का प्रतीक है।