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25 अगस्त 2026

केंद्र ने नागालैंड, असम और मणिपुर में AFSPA के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का किया फैसला

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया,''भारत सरकार ने दशकों बाद नागालैंड, असम और मणिपुर राज्यों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का फैसला किया|…

केंद्र ने नागालैंड, असम और मणिपुर में AFSPA के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का किया फैसला
केंद्र ने नागालैंड, असम और मणिपुर में AFSPA के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का किया फैसला | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया,''भारत सरकार ने दशकों बाद नागालैंड, असम और मणिपुर राज्यों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्रों को कम करने का फैसला किया|  केंद्र सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तर-पूर्वी राज्यों में ऐसे अनेक कदम उठाये गए हैं जिससे सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और विकास में तेजी आयी है। वर्ष 2014 की तुलना में, वर्ष 2021 में उग्रवादी घटनाओं में 74% की कमी आई है। उसी प्रकार इस अवधि में सुरक्षाकर्मियों और नागरिकों की मृत्यु में भी क्रमश: 60% और 84% की कमी आई है।



सरकार के लगातार प्रयासों से तथा पूर्वोत्तर में सुरक्षा स्थिति में सुधार के परिणामस्वरूप भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम के तहत दशकों बाद नागालैंड, असम और मणिपुर में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्रों को कम किया है।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शांतिपूर्ण और समृद्ध उत्तर-पूर्व क्षेत्र की परिकल्पना को साकार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी उत्तर-पूर्व राज्यों से निरंतर संवाद किया । जिसके परिणाम स्वरुप अधिकांशउग्रवादी समूहों ने देश के संविधान और मोदी सरकार की नीतियों में विश्वास जताते हुए हथियार डाले। आज वो सभी लोग लोकतंत्र का हिस्सा बनकर उत्तर पूर्व की शांति और विकास में सहभागी बन रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगभग 7000 उग्रवादियों ने सरेंडर किया है।



पिछले तीन वर्षों के दौरान भारत सरकार ने पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्त करने और स्थायी शांति लाने के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वप्न को साकार करने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।जैसे,

-जनवरी, 2020 का बोडो समझौता जिसने असम की 5 दशक पुरानी बोडो समस्या का समाधान किया है

-04 सितंबर, 2021 का करबी-आंगलांग समझौता जिसने लंबे समय से चल रहे असम के करबी क्षेत्र के विवाद को हल कियाहै।

-त्रिपुरा में उग्रवादियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए अगस्त 2019 में NLFT(SD) समझौता किया गया।

-16 जनवरी, 2020 को 23 साल पुराने ब्रु-रिआंग शरणार्थी संकट को सुलझाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया गया, जिसके अधीन 37000 आंतरिक विस्थापित लोगों को त्रिपुरा में बसाया जा रहा है।

29 मार्च, 2022 को असम और मेघालय राज्या की सीमा के संदर्भ में एक और महत्वपूर्ण समझौता हुआ है।




प्रधानमंत्री मोदी पूरे उत्तर-पूर्व क्षेत्र को उग्रवाद मुक्त करने के लिए संकल्पित हैं, इस संबंध में केंद्र सरकार समय-समय पर राज्य सरकारों और अन्य हितधारकों के साथ संवाद करती रही है। मोदी सरकार द्वारा सुरक्षा स्थिति में सुधार के कारण AFSPA के अंतर्ग?? अशांत क्षेत्र अधिसूचना को त्रिपुरा से 2015 में और मेघालय से 2018 में पूरी तरह से हटा लिया गया है।



संपूर्ण असम में वर्ष 1990 से अशांत क्षेत्र अधिसूचना लागू है। 2014 में मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद सुरक्षा स्थिति में उल्लेखनीय सुधार के कारण, अब 01.04.2022 से असम के 23 जिलों कोपूर्ण रूप से और 1 जिले को आंशिक रूप से AFSPA के प्रभाव से हटाया जा रहा है। 


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संपूर्ण मणिपुर (इंफाल नगर पालिका क्षेत्र को छोड़कर) में अशांत क्षेत्र घोषणा वर्ष 2004 से चल रही है। मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 6 जिलों के 15 पुलिस स्टेशन क्षेत्र को 01.04.2022 से अशांत क्षेत्र अधिसूचना से बाहर किया जा रहा है।


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अरूणाचल प्रदेश में 2015 में 3 जिले, अरूणाचल प्रदेश की असम से लगने वाली 20 किमी. की पट्टी और 9 अन्यजिलों में 16 पुलिस स्टेशन क्षेत्र में AFSPA लागू था जो धीरे धीरे कम करते हुए वर्तमान में सिर्फ 3 जिलों में और 1 अन्ये जिले के 2 पुलिस स्टेशन क्षेत्र में लागू है।


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सम्पूर्ण नागालैण्ड में अशान्त क्षेत्र अधिसूचना वर्ष 1995 से लागू है। केन्द्र सरकार ने इस सन्दर्भ में गठित कमेटी की चरणबद्ध तरीके से AFSPA हटाने की सिफारिश को मान लिया है। नागालैंड में 01.04.2022 से 7 जिलों के 15 पुलिस स्टेशनों से अशांत क्षेत्र अधिसूचना को हटाया जा रहा है।


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अमित शाह ने कहा कि मोदी जी की अटूट प्रतिबद्धता के कारण हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र, जो दशकों से उपेक्षित था, अब शांति, समृद्धि और अभूतपूर्व विकास के एक नए युग का गवाह बन रहा है, इसके लिए मोदी जी का धन्यवाद करता हूँ।



AFSPA कम होने का मतलब है कि शांति बहाल हो गई:किरेन रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू  ने कहा,'''AFSPA(सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम) होने से अशांत माहौल में लोगों को भय रहता है कि सुरक्षा बल आ रहे हैं। अगर ग़लत गतिविधियां होती हैं तो सुरक्षा बल आते हैं। AFSPA कम होने का मतलब है कि शांति बहाल हो गई है और नॉर्थ ईस्ट विकास के पथ पर चल चुका है|



नॉर्थ ईस्ट के लिए एक बहुत बड़ा निर्णय: सोनोवाल

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा,'नॉर्थ ईस्ट के लिए एक बहुत बड़ा निर्णय लिया गया है। नॉर्थ ईस्ट के तीनों प्रदेश असम, मणिपुर और नागालैंड में बसे हुए AFSPA का दायरा घटाया गया है ये एक ऐतिहासिक दिन है इस निर्णय से पता चलता है कि यहां पर शांति वापस से बहाल हुई है|


आज आधी रात से पूरे निचले, मध्य और उत्तरी असम से AFSPA हटाया जाएगा: हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा,''1990 में असम को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया था। तब से AFSPA लगातार लागू था। 1990 से अब तक असम की सरकार 62 बार AFSPA बढ़ा चुकी है। आज PM मोदी ने AFSPA को उस क्षेत्र से वापस लेने का साहसिक निर्णय लिया है जहां इसकी आवश्यकता नहीं है| 2014 के बाद पहले मिजोरम से AFSPA वापस लिया गया, फिर मेघालय से भी इसे वापस ले लिया गया। पिछले साल इसे अरुणाचल प्रदेश से 2 मतदान केंद्रों को छोड़कर वापस लिया गया था। आज असम, नागालैंड और मणिपुर में AFSPA वापस लेने का समय आ गया है|



बिस्वा सरमा ने कहा,'''9 जिलों और एक अनुमंडल को छोड़कर असम आज आधी रात से AFSPA को पूरी तरह से वापस ले लेगा। इससे हमारे 60% क्षेत्र से AFSPA वापस ले लिया जाएगा। आज आधी रात से पूरे निचले, मध्य और उत्तरी असम से AFSPA हटाया जाएगा| AFSPA असम के पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूद रहेगा जहां स्थिति में सुधार होने बाकी हैं। असम का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 78,438 वर्ग किमी है, यह पूरा क्षेत्र अशांत क्षेत्र था और अब यह क्षेत्र केवल 31,724.94 वर्ग किमी तक ही सीमित है|






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 31 मार्च 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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