नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ने राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर आदर्श आचार संहिता दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा ने कल चुनाव आयोग को एक शिकायत सौंपी थी जिसमें कहा गया था कि उन्होंने झूठे, असत्यापित आरोप लगाए हैं।
दरअसल,"राजस्थान में प्रियंका गांधी ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा,''आपने तो देखा ही होगा, मैंने टीवी पर देखा पता नही सच हैं कि नहीं, देवनारायण जी के मंदिर में शायद गए थे कुछ समय पहल, वहां एक लिफाफा डाला हैं अब मैंने टीवी पर देखा कि 6 महीने के बाद वह प्रधानमंत्री जी द्वारा डाला गया लिफाफा खोला जा रहा हैं। जनता सोच रही हैं कि भगवान जाने क्या होगा इस लिफाफे में, देश के इतने बड़े नेता प्रधामंत्री जी आए थे, वो लिफाफा डाल कर गए हैं। लिफाफा खोला, इक्कीस रूपए निकलें। अब आप मुझे बताइए कि एक तरह से यही हो रहा हैं देश में, घोषणाएं बडी-बडी मंच पर खडे होकर कैसे-कैसे लिफाफे दिखाये जा रहे हैं आपको और जब आप उन लिफाफो को खोलते हैं जब चुनाव खत्म हो जाता हैं और बारी आती है कि काम करके दिखाओ तो कुछ नहीं होता"
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार (25 अक्टूबर) को कहा था, 'कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने 20 अक्टूबर को धर्म के नाम पर एक बयान देकर चुनाव प्रचार किया था| इस मामले में चुनाव आयोग के सदस्यों से मुलाकात कर शिकायत की गई है| उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेता प्रियंका ने आदर्श आचार संहिता और आरपी अधिनियम दोनों का उल्लंघन किया है|