नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय के शीर्ष अधिकारी ने किसी भी तरह के केस दर्ज करने से इनकार कर दिया है| प्रवर्तन निदेशालय के शीर्ष अधिकारी ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ मामला दर्ज किये जाने से इनकार किया है|
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार ,19 अगस्त 2022 को नई आबकारी नीति मामले में अनियमितताओं के संबंध में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के घर पर छापेमारी की थी| डिप्टी CM मनीष सिसोदिया के आवास समेत 31 जगहों पर CBI ने रेड की थी|
सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर में पहले नंबर पर आरोपी उन्हें बनाया गया था| इसके बाद आईएएस आरव गोपी कृष्ण को आरोपी थे| एफआईआर में कुल 15 लोगों के साथ ही एक कंपनी को भी आरोपी बनाया गया था|
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी आरव गोपी कृष्ण के परिसरों के अलावा 31 स्थानों पर बीजे शुक्रवार को छापा मारा था| केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा शुक्रवार को उनके आवास पर लगभग 14 घंटे के बाद समाप्त हुई छापेमारी के बाद मीडिया से बात करते हुए, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि अधिकारियों ने उनका कंप्यूटर और फोन जब्त कर लिया, और कुछ फाइलें भी ले लीं।
मनीष सिसोदिया ने कहा था कि,' सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है, CBI को ऊपर से कंट्रोल करके दिल्ली सरकार के अच्छे काम को रोकने की कोशिश की जा रही है। हम ईमानदार लोग हैं, हमने कहीं कुछ गलत काम नहीं किया है। केंद्र सरकार जितना CBI का दुरुपयोग करना चाहें कर लें क्योंकि हमने कोई गलत काम नहीं किया है