नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे किसानों के आंदोलन के बीच रविवार भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के आवास पर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के विरोध पर एक बैठक की। किसान आंदोलन को लेकर भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा के आवास पर हुई बैठक ख़त्म हो गई है|
किसान आंदोलन को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर चल रही बैठक खत्म हो गई है| गृह मंत्री अमित शाह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह नड्डा के घर से रवाना हो गए हैं|
इससे पहले रविवार को केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा,''भारत सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है, चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया था। सरकार हर स्तर पर खुले मन से बातचीत करने को तैयार है पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए। उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए|
बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों (Farm Laws) के विरोध में डटे किसान संगठनों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का प्रस्ताव खारिज कर दिया है| किसानों का कहना है कि शाह ने वार्ता के साथ शर्त लगाई है, जो उन्हें कतई मंजूर नहीं है| किसानों का कहना है कि वार्ता के लिए बुराड़ी ग्राउंड जाने की शर्त उन्हें स्वीकार नहीं है|
किसान नेता हरमीत सिंह कादियां ने कहा,'हमने फैसला लिया कि सभी बॉर्डर और रोड ऐसे ही ब्लॉक रहेंगे। गृह मंत्री ने शर्त रखी थी कि अगर हम मैदान में धरना देते हैं तो वो तुरंत मीटिंग के लिए बुला लेंगे। हमने शर्त खारिज़ कर दी है। अगर वो बिना शर्त के मीटिंग के लिए बुलाएंगे तो ही हम जाएंगे|
दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता ने कहा,'सरकार द्वारा बातचीत के लिए जो कंडीशन थी हम उसे किसान संगठनों का अपमान मानते हैं। अब हम बुराड़ी पार्क में बिलकुल नहीं जाएंगे। हमें पता चला है कि वो पार्क नहीं ओपन ज़ेल है। हम ओपन ज़ेल में जाने की बजाय 5 मेन मार्ग जाम कर दिल्ली की घेराबंदी करेंगे|