नई दिल्ली:कृषि कानून रद्द करने की मांग कर रहे आंदोलनरत किसानों के साथ केंद्र सरकार की बातचीत चल रही है| विज्ञान भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल आंदोलनकारी किसानों के 35 प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर रहे हैं|
कृषि मंत्री ने कहा, "हम लोग समाधान करने के लिए चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।विज्ञान भवन में किसान नेताओं की बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर,सोम प्रकाश, पीयूष गोयल और बाकी अधिकारी मौजूद|
विज्ञान भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ किसान नेताओं की बैठक चल रही है। बैठक में 35 किसान नेता शामिल हैं। वहीं सरकार को किसानों से सकारात्मक बातचीत की उम्मीद है।
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,''देर आए दुरुस्त आए। किसान इस देश का अन्नदाता है। पिछले 1 हफ्ते से किसान सड़कों पर पड़ा है। दिल्ली के चारों तरफ लाखों किसान, मजदूर, माताएं-बहनें और बच्चे बैठे हैं परन्तु अहंकारी मोदी सरकार बात को तैयार नहीं थी, अब कम से कम बातचीत का न्योता तो दिया| उन्होंने कहा,''भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ से अनुरोध है कि किसानों के लिए वार्तालाप के दरवाजे खोले हैं तो मन भी खोलकर बात कीजिए। अगर आप किसानों से बात कर रहे हैं, तो तीनों खेती विरोधी काले कानूनों को आज ही प्रधानमंत्री सस्पेंड करने का निर्णय करें और इसकी घोषणा करें|
दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा,किसानों की यही मांग है कि उनकी फसल को कोई न्यूनतम गारंटी मिले, जिसपर वे अपनी फसल बेच सकें। मेरा सिंघू बॉर्डर और बुराड़ी में जाने का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को जो बुनियादी चीज चाहिए, वह उन्हें मिल रही है या नहीं|
AAP MLA सौरभ भारद्वाज ने कहा,''जिस तैयारी से किसान आए हैं, वो सोच कर आए हैं कि केंद्र सरकार इनकी बात आसानी से नहीं मानेगी। उनके पास 6 महीने का तेल, गैस, आटा, दाल, चावल हैं। वे इन तीनों क़ानूनों को वापस कराकर अपने घर जाएंगे। सरकार को इनसे खुले मन से बातचीत करनी चाहिए|