नई दिल्ली: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद करते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा,''प्रधानमंत्री मोदी आपसे मिलना हमेशा खुशी का विषय होता है। आपके 2 मंत्री और राजदूत यहां मौजूद हैं। हम वैश्विक संकटों, कोविड महामारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में चुनौतियों पर मिलकर काम कर रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में मज़दूत साझेदार हैं|
भारत-अमेरिका वर्चुअल समिट में ''प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,''मैं आपके गर्मजोशी भरे शब्दों के लिए आभार प्रकट करता हूं। आज हमारे रक्षा और विदेश मंत्री कुछ देर बाद 2+2 फॉर्मेट में मिलेंगे, उससे पहले हमारी ये मुलाकात उनकी बातचीत को दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस वर्चुअल मुलाकात की पहल आपने की इसके लिए भी मैं आपका अभिनंदन करता हूं|
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा,'हमारे लगातार परामर्श और संवाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को लगातार मज़बूत और घनिष्ठ बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं|
PM मोदी ने कहा,''पिछले साल सिंतबर में जब मैं वांशिगटन आया था तब आपने कहा था कि भारत-अमेरिका पार्टनरशिप बहुत सी वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकती है और मैं आपकी इस बात से पूर्णतया सहमत हूं| विश्व के दो सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्रों के रूप में हम नेचुरल पार्टनर हैं और पिछले कुछ वर्षों में हमारे संबंधों में जो प्रगति हुई है, जो नया मोमेंटम बना है जिसकी शायद आज से 1 दशक पहले भी कल्पना करना मुश्किल था|
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा,''यूक्रेन के लोग जो भीषण हमले का शिकार हो रहे हैं, उनके लिए भारत की मानवीय सहायता का मैं स्वागत करना चाहता हूं|
PM मोदी ने कहा,''मैंने यूक्रेन और रूस दोनों के राष्ट्रपतियों से कई बार फ़ोन पर बातचीत की। मैंने न सिर्फ़ शांति की अपील की बल्कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ सीधी बातचीत का सुझाव भी दिया। हमारी संसद में भी यूक्रेन के विषय पर बहुत विस्तार से चर्चा हुई है| हाल में बूचा शहर में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं की खबर बहुत ही चिंताजनक थी। हमने इसकी निंदा की और एक निष्पक्ष जाँच की मांग भी की है। हम आशा करते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत से शांति का मार्ग निकलेगा|
PM मोदी ने कहा,''इस साल भारत अपनी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है और हम अपने डिप्लोमेटिक रिलेशन्स की 75वीं सालगिरह भी मना रहे हैं। मुझे विश्वास है कि भारत की अगले 25 सालों की विकास यात्रा में अमेरिका के साथ हमारी मित्रता एक अभिन्न अंग रहेगी|