नई दिल्ली: किसान आंदोलन पर कई विदेशी शख्सियतो और संस्थाओं द्वारा हाल की टिप्पणियां को लेकर बुधवार को भारत सरकार ने एक सख्त बयान जारी किया है| मोदी सरकार ने कहा कि ',''भारत की संसद ने एक पूर्ण बहस और चर्चा के बाद, कृषि क्षेत्र से संबंधित सुधारवादी कानून पारित किया। हम आग्रह करना चाहेंगे कि,'ऐसे मामलों पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों का पता लगाया जाए और मसले को पूरी तरह समझ लिया जाए। खासतौर पर जब मशहूर हस्तियां ऐसा करें, न तो सही है और न ही यह उनका जिम्मेदाराना रवैया है।
इस बयान में सरकार ने #IndiaTogether और #IndiaAgainstPropaganda जैसे हैशटैग्स के साथ कहा कि 'हम इस बात पर जोर देना चाहते हैं कि यह प्रदर्शन भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और सरकार और इससे जुड़े किसान संगठन की समस्या को सुलझाने की कोशिशों के संदर्भ देखा जाना चाहिए|
विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा,'भारतीय संसद ने कृषि क्षेत्र से जुड़े सुधारवादी कानून, पूर्ण बहस एवं चर्चा के बाद ही पारित किए थे। ये कानून किसानों को बड़ा बाजार मुहैया कराएंगे तथा उनके लिए अपनी फसल बेचना पहले से आसान होगा।। ये कानून पारिस्थितिक और आर्थिक रूप से स्थायी खेती का रास्ता भी साफ करते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा,''भारत के कुछ हिस्सों में किसानों के एक बहुत छोटे वर्ग को इन सुधारों को लेकर शंकाएं है। प्रदर्शन कर रहे किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए, भारत सरकार ने उनके प्रतिनिधियों से कई बार बातचीत की है। केंद्रीय मंत्री भी इस बातचीत का हिस्सा रहे हैं तथा अभी तक किसानों से ग्यारह बार बातचीत की जा चुकी है। सरकार ने कानूनों को फिलहाल लागू नहीं करने की पेशकश भी की है, यहां तक की यही बात भारत के प्रधानमंत्री भी दोहरा चुके हैं।
मंत्रालय ने कहा,'फिर भी, कुछ निहित स्वार्थ रखने वाले समूहों द्वारा इन विरोधों की आड़ में अपना एजेंडा चलाने की कोशिश करना और किसानों को भड़काना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा ही कुछ भारत के गणतंत्र दिवस यानि 26 जनवरी को देखने को मिला। भारतीय संविधान को अपनाने की वर्षगांठ के अवसर पर मनाए जा रहे राष्ट्रीय उत्सव के दौरान भारत की राजधानी में हिंसा और बर्बरता की गई।
मंत्रालय ने कहा,'''इन निहित स्वार्थ समूहों में से कुछ ने भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने की भी कोशिश की है। ऐसी ही मानसिकता वाले कुछ लोगों के भड़काने की वजह से दुनिया के कुछ हिस्सों में महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को अपवित्र करने की घटनाएं सामने आई हैं। यह भारत और दुनिया भर के सभ्य समाजों के लिए बेहद निराशाजनक है।
विदेश मंत्रालय ने कहा,''भारतीय पुलिस बलों ने इन विरोधों को बेहद संयम बरतते हुए नियंत्रित किया है। इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि पुलिस में सेवारत सैकड़ों पुरुष एवं महिला कर्मचारियों पर इस दौरान हमले किए गये हैं, जिनमें से कुछ पर तेज-धारदार हथियार से हमला किया गया और कुछ गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
मंत्रालय ने कहा,''हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि इन विरोधों को भारत के लोकतांत्रिक लोकाचार एवं राजनीति तथा गतिरोध को हल करने के सरकार तथा संबंधित किसान समूहों के प्रयासों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
हम आग्रह करेंगे कि इस तरह के मामलों पर बयानबाजी करने से पहले तथ्यों का पता लगाया जाए और इस मुद्दे पर उचित समझ बनाई जाए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और कमेंट्स से लुभाने का तरीका, खासतौर पर जब मशहूर हस्तियां ऐसा करें, न तो सही है और न ही यह उनका जिम्मेदाराना रवैया है। ""#IndiaTogether #IndiaAgainstPropaganda