नई दिल्ली: सोमवार 18 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है| सत्र शुरूहोने से पहले आदेश जारी कहा गया है कि, संसद भवन में सांसद धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं | संसदीय सचिव की ओर से आदेश जारी किया गया है कि, संसद भवन के परिसर में अब प्रदर्शन, विरोध, धरना, अनशन या धार्मिक समारोह आयोजित नहीं कर सकेंगे|
15 जुलाई को संसदीय बुलेटिन में कहा गया है, " सदस्य किसी भी प्रदर्शन, धरना, हड़ताल, उपवास, या किसी धार्मिक समारोह को करने के उद्देश्य से संसद भवन के परिसर का उपयोग नहीं कर सकते हैं।
संसद परिसर में धरना-प्रदर्शन को लेकर जारी निर्देशों को लेकर लोकसभा सचिवालय ने कहा 'ऐसे दिशा-निर्देश हर सत्र से पहले जारी किये जाते हैं'|
अब संसद में नहीं बोल पाएंगे 'भ्रष्ट, जुमलाजीवी, तानाशाह, विश्वासघात, नाटक और लॉलीपॉप जैसे कई शब्द
इससे पहले,14 जुलाई को लोकसभा सचिवालय ने 'असंसदीय शब्दों' की सूची भी जारी की थी| लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान अब बहुत सारे शब्दों का इस्तेमाल करना ग़लत और असंसदीय माना जाएगा|
तानाशाह ,अराजकतावादी, भ्रष्ट, 'जुमलाजीवी', 'शकुनी', 'जयचंद', 'लॉलीपॉप', 'गुल खिलाए', बहरी सरकार ', 'पिठ्ठू' जैसे कई शब्द अब संसद में नहीं बोले जा सकेंगे|
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संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान सदस्य अब चर्चा में हिस्सा लेते हुए 'जुमलाजीवी', 'बाल बुद्धि सांसद', 'शकुनी', 'जयचंद', विश्वासघात,नाटक, ,पाखंड...शर्मिंदा, लॉलीपॉप', 'चाण्डाल चौकड़ी', 'गुल खिलाए', 'पिठ्ठू' , कोरोना स्प्रेडर, जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे|
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