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24 अगस्त 2026

लखीमपुर किसान नरसंहार के पीड़ित परिवार संघर्षों से भरी न्याय की लड़ाई लड़ रहे है, न्याय की लड़ाई में आखिर तक खड़े रहना: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर प्रियंका गांधी

नई दिल्ली: लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रद्द कर दी| कोर्ट ने आरोपी आशीष मिश्रा को एक हफ्ते में सरेंडर करने को कहा है| लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशी…

लखीमपुर किसान नरसंहार के पीड़ित परिवार संघर्षों से भरी न्याय की लड़ाई लड़ रहे है, न्याय की लड़ाई में आखिर तक खड़े रहना: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर प्रियंका गांधी
लखीमपुर किसान नरसंहार के पीड़ित परिवार संघर्षों से भरी न्याय की लड़ाई लड़ रहे है, न्याय की लड़ाई में आखिर तक खड़े रहना: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर प्रियंका गांधी | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  लखीमपुर खीरी मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की जमानत सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रद्द कर दी|  कोर्ट ने आरोपी आशीष मिश्रा को एक हफ्ते में सरेंडर करने को कहा है| लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी पर जमकर हमला |लखीमपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर जमकर हमला करते हुए ट्वीट किया|



कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, लखीमपुर किसान नरसंहार के पीड़ित परिवार संघर्षों से भरी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। सत्ता के सरंक्षण में उन पर क्रूरतम दर्जे का अन्याय व अत्याचार हुआ। अन्नदाताओं के इन पीड़ित परिवारों की न्याय की लड़ाई में अंत तक खड़े रहना हम सबकी जिम्मेदारी है, चाहे संघर्ष कितना भी लंबा हो।



उम्मीद है कि आने वाले समय में किसानों को न्याय मिलेगा: राकेश टिकैत

लखीमपुर हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राकेश टिकैत  ने कहा, ",''यूपी सरकार ने इस मामले पर जो तथ्य थे उसे सामने नहीं रखा था इसलिए उन्हें (आशीष मिश्रा) जमानत मिली थी,आज सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द की है। उम्मीद है कि आने वाले समय में किसानों को न्याय मिलेगा| 



किसानों को तभी न्याय मिलेगा जब दोषी को सज़ा मिलेगी: ओपी राजभर

आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर SBSP के अध्यक्ष ओपी राजभर ने कहा,''मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं क्योंकि 8 लोगों की हत्या मामले में जमानत मिलना अन्याय है। किसानों को तभी न्याय मिलेगा जब दोषी को सज़ा मिलेगी| 



न्यायपालिका पर भरोसा और बढ़ गया: दिवंगत पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप

आशीष मिश्रा की जमानत रद्द होने पर दिवंगत पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन कश्यप  ने कहा, "मैं न्याय देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देता हूं। मैं वकीलों को भी मामले को मजबूती से रखने के लिए धन्यवाद देता हूं। आज न्यायपालिका पर हमारा भरोसा और बढ़ गया है|



न्यायपूर्ण निर्णयों से न्याय का मान भी बढ़ता है और न्याय में विश्वास भी: अखिलेश यादव

लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा,'' न्यायपूर्ण निर्णयों से न्याय का मान भी बढ़ता है और न्याय में विश्वास भी| 



अखिलेश यादव ने कहा,''''सत्ताधारी राजनीतिक दल जब अपराधियों का सरंक्षक बन जाए तो किसान, मज़दूर, गरीब और बाकी सारे जनमानस को न्यायालय ही हताशा से बचाता है। न्यायपूर्ण निर्णयों से न्याय का मान भी बढ़ता है और न्याय में विश्वास भी।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा ‘लखीमपुर’ न्याय का प्रतीक बनकर इतिहास में दर्ज होना चाहिए; अन्याय का नहीं!



केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की| सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की और एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।इस मामले में आशीष मिश्रा को जमानत देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है| सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।



सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "पीड़ितों की सुनवाई से इनकार करना और हाईकोर्ट द्वारा दिखाई गई जल्दबाजी जमानत आदेश को रद्द करने के योग्य है ... आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।"कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों को जमानत की सुनवाई सहित सभी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट ने तथ्यात्मक योग्यता में प्रवेश करने के लिए भी हाईकोर्ट की आलोचना की, जो ट्रायल का विषय हैं।



चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की विशेष पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने कई अप्रासंगिक कारकों पर विचार किया और पीड़ितों को याचिका का विरोध करने के लिए पर्याप्त समय दिए बगैर आदेश पारित करने में जल्दबाजी दिखाई। शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्रा को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इस मामले पर नए सिरे से विचार करने के लिए भी कहा है। 




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यह रिपोर्ट 18 अप्रैल 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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