नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर PM नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। चीन के मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय क्षेत्र में बढ़ती चीनी घुसपैठ और उस संबंध में प्रधानमंत्री की चुप्पी देश के लिए बहुत हानिकारक है|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर ‘प्रधानमंत्री के पांच सच’ को साझा किया और आरोप लगाया कि वह 'चीन से डरते हैं| राहुल गांधी ने ट्वीट किया,- प्रधानमंत्री के कुछ सचः
1. चीन से डरते हैं
2. जनता से सच छिपाते हैं
3. सिर्फ़ अपनी छवि बचाते हैं
4. सेना का मनोबल गिराते हैं
5. देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते हैं
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आगे कहा,“चीन की बढ़ती घुसपैठ और प्रधानमंत्री की चुप्पी, देश के लिए बहुत हानिकारक है।''
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कांग्रेस ने भी चीन के मुद्दे पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि चीन को लेकर पीएम मोदी का रवैया सहमा हुआ है| वे चीन का नाम लेने तक से डर रहे हैं| कांग्रेस ने PM नरेंद्र मोदी से पूछा ,''कहां गई आपकी लाल आंख? कहां गया आपका 56 इंच? आप चीन का नाम लेने से इतना डरते क्यों हो?| कांग्रेस ने कहा कि,''पीएम नरेंद्र मोदी को अपनी छनि बचाने के लिए चीन को खुश करना बंद करना चाहिए| कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से सीमा पर चीनी अतिक्रमण मामले में चुप्पी तोड़कर देश को वास्तविकता से अवगत कराने का अनुरोध किया है।
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता एवं संसद गौरव गोगोई ने कहा कि,“ पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा संकट शुरू होने के दो साल से भी अधिक समय बाद, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति को 'डीडीएलजे' के रुप में सारांशित किया जा सकता है. वास्तविकता से इंकार (Deny), सच्चाई से ध्यान भटकाना (Distraction), झूठ बोलना (Lie), झूठ को न्यायोचित ठहराना (Justify)।
कांग्रेस संसद गौरव गोगोई ने कहा कि,“केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय की भाषा कमजोर हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी की मांग बहुत स्पष्ट है: - 5 मई 2020 से पहले भारत की सीमा पर जो स्थिति थी, वो बहाल चाहिए|
कांग्रेस संसद ने पूछा,“मोदी जी कहां गई आपकी लाल आंख? कहां गया आपका 56 इंच? आप चीन का नाम लेने से इतना डरते क्यों हो?..ये आप कैसा संदेश दे रहे हैं कि रक्षा मंत्रालय एक चीज कहता है, विदेश मंत्रालय एक चीज कहता है और भारत के प्रधानमंत्री कुछ और कहते हैं जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है |...ये क्या संदेश जा रहा है, हमारे भारत के सीमा सुरक्षा बल को, हमारे नागरिकों को कि भारत के प्रधानमंत्री अपनी छवि बचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रख सकते हैं। ऐसा क्या विशेष लगाव है चीन के साथ?
गौरव गोगोई ने कहा कि,“मोदी जी ने चीन की सरकार के साथ 18 बार मुलाकात की है। उन्होंने ऐसा क्या रिश्ता बनाया कि जिससे चीन आज तक भी ये कबूल नहीं करता कि उनसे कोई गलती हुई है। चीन आज भी हमारी सीमा सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता|
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गौरव गोगोई ने कहा कि,“हमारी मांगें:
- चीन के मसले पर प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जानी चाहिए .
- संसद में दो दिवसीय चर्चा हो ,
- रक्षा संबंधी स्थायी संसदीय समिति को चीन के साथ टकराव की स्थिति पर एक ब्रीफिंग दी जानी चाहिए
- एक पूर्णकालिक चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की शीघ्र नियुक्ति हो
- अग्निपथ योजना से एक बहुत गलत संदेश गया है। नाम, नमक और निशान की संस्कृति को इसने दुर्बल किया है। इसलिए अग्निपथ योजना को वापस लिया जाए|
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