नई दिल्ली: नए साल के मौके पर पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी से चीनी सैनिकों का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है| राहुल गांधी ने कहा,''मोदी जी, चुप्पी तोड़ो| चीन को जवाब देना होगा। दरअसल,'' चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल ने 1 जनवरी को चीनी सैनिकों का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था कि वे भारतीय सीमा के पास गलवान घाटी में चीन के नागरिकों को नए साल की बधाई दे रहे हैं|
वीडियो में चीनी सैनिक जहां खड़े हैं, उसके पीछे पहाड़ी पर चीनी भाषा में लिखा हुआ नजर आ रहा है, “कभी एक इंच जमीन नहीं देंगे| वहीं चीन ने अपने सैनिकों का एक और वीडियो जारी किया, जिसमें चीनी झंडे को एक ड्रोन के जरिए तिब्बत के इलाके में फहराया जा रहा है| भारत ने आधिकारिक रूप से इन दोनों वीडियो पर कोई जवाब नहीं दिया है|
चीनी सैनिकों का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट किया,,'' गलवान पर हमारा तिरंगा ही अच्छा लगता है। चीन को जवाब देना होगा। मोदी जी, चुप्पी तोड़ो!
इससे पहले , चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम पर तीखा हमला बोला था| कांग्रेस ने भी चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों का नाम अपनी भाषा में करने और इस राज्य को दक्षिण तिब्बत कहने संबंधी खबरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ पर शुक्रवार को सवाल उठाया था। चीन के इस कदम संबंधी खबरों का जिक्र करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था, देश की सुरक्षा और विजय के लिए सूझबूझ और मजबूत फैसलों की जरूरत होती है। खोखले जुमलों से जीत नहीं मिलती।’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था,''अभी कुछ दिनों पहले हम 1971 में भारत की गौरवपूर्ण जीत को याद कर रहे थे। देश की सुरक्षा और विजय के लिए सूझबूझ व मज़बूत फ़ैसलों की ज़रूरत होती है। खोखले जुमलों से जीत नहीं मिलती!
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार को ‘कमजोर’ बताया और प्रधानमंत्री मोदी पर भारत की क्षेत्रीय अखंडता के लिए चीनी ‘खतरों’ पर ‘‘चुप्पी’’ साधने का आरोप लगाया था,। सुरजेवाला ने कहा था,, ‘चीन अरुणाचल प्रदेश पर भारतीय संप्रभुता को चुनौती देने का दुस्साहस करेगा। चीन डेपसांग प्लेंज़ व गोगरा हॉट स्प्रिंग्स पर भारत की सरज़मीं पर क़ब्ज़ा कर लेगा। चीन अरुणाचल में गांव बसा लेगा। पर मि॰56 इंच ‘चीन’ शब्द भी नहीं बोलेंगे! कमजोर सरकार, मौन पीएम।’
बता दें कि, हाल ही में चीन ने भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में 15 और स्थानों के लिए चीनी अक्षरों, तिब्बती और रोमन वर्णमाला के नामों की घोषणा की थी| खबर के अनुसार, चीन अरुणाचल प्रदेश के दक्षिण तिब्बत होने का दावा करता है| फिलहाल,'भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के नाम बदलने के कदम को बृहस्पतिवार को स्पष्ट रूप से खारिज किया था और जोर देकर कहा था कि यह राज्य हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा क्योंकि 'गढ़े' गए नामों से यह तथ्य नहीं बदलेगा|