नई दिल्ली: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना खेमे ने महाराष्ट्र विधानसभा के नए अध्यक्ष के चुनाव को चुनौती देने वाली सर्वोच्च न्यायालय में अपनी याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष को सूचित करने के लिए कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका पर फैसला नहीं किया जाता है, तब तक कोई निर्णय न लें।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में एक बेंच गठित की जाए। मामला कल सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष से उद्धव ठाकरे धड़े के शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका पर कोई फैसला नहीं लेने को कहा|
व??धायकों की अयोग्यता को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि विधायकों की अयोग्यता पर फिलहाल स्पीकर फैसला नहीं लेंगे| अदालत के फैसले तक स्पीकर के अयोग्यता पर कार्यवाही को रोका रहेगी| सुप्रीम कोर्ट फिलहाल महाराष्ट्र मामले की तुरंत सुनवाई नहीं करेगा| CJI ने कहा कि इसके लिए बेंच का गठन करना होगा|
दरअसल, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना धड़े ने 5 जुलाई 2022 को उद्धव ठाकरे गुट के विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए नोटिस जारी किया था| उद्धव ठाकरे खेमे के 14 विधायकों को शिवसेना के मुख्य सचेतक भरत गोगावले की तरफ से व्हिप का उल्लंघन करने पर नोटिस जारी किया गया था| हालांकि उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे का नाम इस नोटिस में नहीं था|
गोगावले ने बताया कि हमने व्हिप की अवहेलना करने वाले सभी विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए नोटिस दिया है| हालांकि, बालासाहेब ठाकरे के प्रति अपना सम्मान दिखाते हुए आदित्य ठाकरे का नाम नहीं दिया है| गोगावले ने बताया कि आदित्य ठाकरे की अयोग्यता के लिए अब मुख्यमंत्री फैसला लेंगे| मालूम हो कि गोगावले की तरफ से जारी व्हिप में शिवसेना के सभी विधायकों से विश्वास मत में एकनाथ शिंदे के पक्ष में मतदान करने को कहा गया था|
बता दें कि सोमवार, 4 जुलाई को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली| 288 सदस्यीय सदन में 164 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ वोट डाले| विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने विश्वास मत को बहुमत मिलने की घोषणा की थी|
शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के एक दिन बाद 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी| भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली|