नई दिल्ली: 'Github पर सुल्ली डील्स (Sulli Deals) ऐप बनने के छह महीने बाद 9 जनवरी 2022 को मध्य प्रदेश के इंदौर से 26 वर्षीय युवक गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान ओंकारेश्वर ठाकुर के रूप में हुई है'| बुल्ली बाई के बाद, अब दिल्ली पुलिस ने सुल्ली डील्स मामले (Sulli Deals) के 'मास्टरमाइंड' को भी धर दबोचा है| दिल्ली पुलिस ने बताया,','Sulli Deals' बनाने वाला मास्टरमाइंड ओंकारेश्वर ठाकुर को पुलिस ने इंदौर से गिरफ़्तार किया।आरोपी 26 साल का ओंकारेश्वर ठाकुर है जो इंदौर के न्यूयॉर्क सिटी टाउनशिप का रहने वाला है| उसने आईपीएस अकादमी इंदौर से बीसीए किया है| सुल्ली डील्स (Sulli Deals) ऐप केस में यह पहली गिरफ़्तारी है|
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) के DCP के. पी. एस. मल्होत्रा ने बताया,'''Sulli Deals'' बनाने वाला मास्टरमाइंड ओंकारेश्वर ठाकुर को पुलिस ने इंदौर से गिरफ़्तार किया। यह मुस्लिम महिलाओं को ट्रोल करने के लिए ट्विटर पर बनाए गए ट्राड-ग्रुप का सदस्य था|
दिल्ली पुलिस ने बताया,''आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वो ट्विटर पर एक ऐसे ग्रुप का सदस्य था, जिसका मकसद मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करना और ट्रोल करना था| ठाकुर ने गिटहब पर सुल्ली डील्स का कोड डेवलप किया| इस ऐप का एक्सेस ग्रुप के सभी सदस्यों के पास था| उसने अपने ट्विटर अकाउंट पर ऐप की डीटेल्स शेयर कीं| मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें ग्रुप के दूसरे सदस्यों द्वारा अपलोड की गई थी|
बुली बाई मामले के मास्टरमाइंड नीरज बिश्नोई की गिरफ़्तारी के बाद हुआ खुलासा
DCP के. पी. एस. मल्होत्रा ने बताया,''बुली बाई मामले के मास्टरमाइंड नीरज बिश्नोई से पूछताछ के दौरान ऐसे सबूत मिले जिससे हमें औमकेश्वर ठाकुर को गिरफ़्तार करने में मदद मिली। जिसने सुल्ली डील्स ऐप के कोड लिखे थे उससे पूछताछ हो रही है, उसके लैपटॉप की फॉरेंसिक जांच भी चल रही है|
क्या है Sulli Deals App?
Sulli Deals ऐप को github नाम के ओपन सोर्स प्लैटफॉर्म पर बनाया गया था| इसमें मुस्लिम महिलाओं की सोशल मीडिया प्रोफाइल खास तौर पर ट्विटर से फोटो लेकर अपलोड किया गया था| इसमें 80 से ज्यादा महिलाओं की तस्वीर उनके नाम के साथ डाली गईं थी| इन महिलाओं की फोटोज के साथ उनकी कीमत लिखी गई थी| इस ऐप में टॉप पर लिखा था Find Your Sulli| जैसे ही इस पर क्लिक किया जाता तो एक मुस्लिम महिला की फोटो, नाम और ट्विटर हैंडल की डिटेल्स सामने आ जाती थी|
जुलाई 2021 में सुल्ली डील्स का मामला आया था सामने
बता दें कि सुल्ली डील्स का मामला जुलाई 2021 में सामने आया था| ओंकारेश्वर ने जनवरी 2020 में अपने ट्विटर हैंडल @gangescion के जरिए ट्विटर पर एक ग्रुप जॉइन किया था| इस ग्रुप का नाम ट्रेडमहासभा था| इस ग्रुप में मुस्लिम महिलाओं को ट्रोल करने को लेकर बहस होती थी| इसके बाद उसने GitHub पर सुल्ली डील्स एप बनाया लेकिन जैसे ही सुल्ली डील्स का मामला सुर्खियों में आया उसने अपने सभी सोशल मीडिया के फुटप्रिंट डिलीट कर दिये| Sulli Deals'ऐप, जिसे पिछले साल लॉन्च किया गया था, पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट कर उसे 'नीलामी' के लिए सूचीबद्ध किया था. बिना अनुमति के ली गई इन तस्वीरों से छेड़छाड़ भी की गई थी|
मुस्लिम महिलाओं की 'नीलामी' वाले 'Sulli Deals' ऐप बनाने वाला आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर ने स्वीकार किया जुर्म
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने मुस्लिम महिलाओं की 'नीलामी' (Muslim Women Auction) वाले 'Sulli Deals' ऐप बनाने के आरोपी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है| पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया है कि वह ट्विटर पर एक ट्रेड-ग्रुप का सदस्य था और मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने और ट्रोल करने के लिए विचार साझा करता था| उसने यह भी कबूल किया है कि उसने GitHub पर कोड विकसित किया था|