नई दिल्ली: जहांगीरपुरी हिंसा पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि,''जिन्ना की सोच वाले लोग कहते हैं कि जुलूस उस गली से क्यों ले जाना? क्या उन्होंने देश को हिंदू-मुस्लिम की गली में बांट दिया है? आज तक ताजिया के जुलूस पर ऐसा नहीं हुआ। यह वही लोग हैं जो देश में शरिया क़ानून लाना चाहते हैं| गिरिराज सिंह ने कहा कि,''यह वही लोग हैं जो कभी CAA और हिजाब के नाम पर देश को तबाह और बर्बाद करना चाहते हैं। यह बर्बाद और तबाह करने की नीयत जिनके पास है वह जिन्ना के DNA वाले हैं, फिर चाहे ओवैसी हो या फिर कोई और हो|
दिल्ली पुलिस ने 16 अप्रैल को उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के अवसर पर शो??ा यात्रा आयोजित करने वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल की दिल्ली इकाई के दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। बता दें कि, शोभा यात्रा के बाद जहांगीरपुरी में सांप्रदायिक झड़पें हुईं थी। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिगों सहित 20 से अधिक लोगों को दंगा करने और अवैध रूप से इकट्ठा होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल दिल्ली प्रांत, मुखर्जी नगर जिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बताया जा रहा है कि इनके पास जहांगीरपुरी में शोभायात्रा निकालने के लिए कोई परमिशन नहीं थी। इसके चलते पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के जिला सेवक प्रमुख प्रेम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। एक हेड कांस्टेबल द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एफआईआर में कहा गया है कि, 15 अप्रैल को, विहिप के जिला सेवा प्रमुख प्रेम शर्मा और सह-विभाग सचिव ब्रह्म प्रकाश ने जुलूस निकालने के लिए जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में एक आवेदन डीडी (दैनिक डायरी) नंबर 83A दायर किया था। उन्हें सूचित किया गया है कि इस तरह की अनुमति के लिए उन्हें डीसीपी (उत्तर पश्चिम) से अनुमति लेनी चाहिए। 16 अप्रैल को, बिना किसी अनुमति के, उन्होंने लोगों को इकट्ठा किया और स्वेच्छा से" अवैध रूप से एक जुलूस निकाला।
एफआईआर में आगे कहा गया है कि, दो समुदायों के बीच किसी बात को लेकर तकरार होने की संभावना थी और थाने से यह बात सामने आई कि उन्होंने अनुमति नहीं ली। प्रेम शर्मा और ब्रह्म प्रकाश ने व्यक्तिगत रूप से सभी लोगों को अवैध रूप से इकट्ठा किया और बिना अनुमति लिए, उन्होंने एक जुलूस का आयोजन किया, जो कि एसीपी (जहांगीरपुरी) द्वारा 1 अप्रैल को जारी अधिसूचना का उल्लंघन है। आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर पश्चिम) उषा रंगनानी ने कहा कि, बिना किसी अनुमति के जहांगीरपुरी इलाके में 16 अप्रैल की शाम को जुलूस निकालने के लिए आयोजकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एक आरोपी व्यक्ति जांच में शामिल हुआ है। आगे की जांच जारी है। अन्य दो जुलूस जो 16 अप्रैल को सुबह और दोपहर जहांगीरपुरी इलाके में निकाले गए थे, उन्हें अनुमति मिली थी।
स्थिति शांतिपूर्ण: दिल्ली पुलिस
जहांगीरपुरी में वर्तमान स्थिति पर दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त(कानून-व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने आज यानि मंगलवार को कहा,'' स्थिति शांतिपूर्ण है। हमने यहां पुलिस बल की काफी मात्रा में तैनाती कर रखी है। हमने हर तरह की शरारती गतिविधि पर भी नज़र बनाकर रखी है। जो लोग हथियारों के साथ दिखे थे, वे सब गिरफ़्तार हुए हैं|
जहांगीरपुरी हिंसा में PFI के हाथ होने पर पूछे गए सवाल पर दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त(कानून-व्यवस्था) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि,''मामले में चल रही जांच की जानकारी को इस वक़्त बताना ठीक नहीं है। क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। अभी मामले की शुरुआती जांच चल रही है|