नई दिल्ली: कृषि कानूनों के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार औऱ किसान नेताओं के बीच शुक्रवार को हुई 8वें दौर की बातचीत समाप्त हो गई है| पिछले 44 दिनों से जारी किसान आंदोलन को खत्म कराने के लिए केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच आठवें दौर की बातचीत भी रही बेनतीजा| अब केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच अगली बातचीत 15 जनवरी को होगी|
केंद्र के साथ आठवें दौर की वार्ता में किसान नेता ने एक पेपर लिखा था 'हम या तो मरेंगे या जीतेंगे'। दरअसल,''कृषि कानूनों (Farm Laws) पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया,''हम कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगे..दूसरी ओर किसानों का भी रुख साफ है कि वह अपनी मांग से पीछे नहीं हटेंगे|किसानों की ओर से वार्ता में शामिल किसान नेता ने अपनी टेबल पर डायरी पर पंजाबी में लिख रख था कि 'हम मरेंगे या जीतेंगे'
फिलहाल,''किसान नेताओं और सरकार के बीच आज आठवें दौर की वार्ता भी विफल रही। इस बैठक का भी कोई नतीजा नहीं निकला। अब इनकी अगली बैठक 15 जनवरी को होगी। यह बैठक इस लिहाज से भी अहम हो जाती है कि 11 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में किसानों के आंदोलन को लेकर दायर कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। ऐसे में इस सुनवाई के बाद जो बैठक होगी उसमें सुप्रीम के फैसले से काफी असर पड़ने की उम्मीद है।
सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता बोले, '15 जनवरी को सरकार द्वारा फिर से बैठक बुलाई गई है। सरकार क़ानूनों में संशोधन की बात कर रही है, परन्तु हम क़ानून वापिस लेने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे|