कोलकाता: 2010 मंगलकोट विस्फोट मामले में कोर्ट ने TMC नेता अनुब्रत मंडल सहित 13 लोगों को बरी कर दिया गया है| बिधाननगर की एक विशेष अदालत ने 2010 के मंगलकोट विस्फोट मामले में जेल में बंद टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को उनके खिलाफ सबूतों की कमी का हवाला देते हुए बरी कर दिया है। बता दें ,मवेशी तस्करी मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार अनुब्रत मंडल में बंद हैं|
उत्तर 24 परगना जिले की बिधाननगर विशेष अदालत 2010 के मंगलकोट विस्फोट मामले की सुनवाई कर रही थी, जहां आरोप पत्र में मंडल का नाम था। मंडल के खिलाफ 2010 में मंगलकोट थाने में गैर जमानती मामला दर्ज किया गया था।
2010 के मंगलकोट विस्फोट मामले पर सरकारी वकील शांतोमय बोस कोर्ट ने कहा कि,' TMC के बीरभूम जिला अध्यक्ष और नेता अनुब्रत मंडल सहित 13 लोगों को बरी कर दिया गया है, कोर्ट को इस मामले में कोई भी प्रमाण नहीं मिले हैं|
2010 के मंगलकोट विस्फोट मामले में अदालत से बरी होने के बाद TMC के बीरभूम जिला अध्यक्ष और नेता अनुब्रत मंडल ने कहा कि,'सत्य की जीत हुई है, ये एक झूठा मामला था। मैंने कोई गलत काम नहीं किया था|
पशु तस्करी के एक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में 11 अगस्त को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए अनुब्रत मंडल को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया था। उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी गई है। अगली सुनवाई 21 सितंबर को निर्धारित की गई है।