कुशीनगर: कुशीनगर के खड्डा इलाके में बुधवार सुबह नारायणी नदी में महिला मजदूरों से भरी नाव पलट गई। नाव पर सवार 6 महिलाओं समेत सभी 10 लोग डूब गए। 7 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 3 की मौत हो गई। नदी में मछली मार रहे मछुआरों ने सात को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि तीन युवतियां की मौत हो गई| बताया जा रहा है कि पनियहवा क्षेत्र के रहने वाले कुछ लोग एक छोटी नाव के सहारे नदी पार कर रेता क्षेत्र में गेहूं की फसल की कटाई के लिए जा रहे थे। तभी उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों का शव मिला। इसकी जानकारी होते ही गांव में चीख पुकार मच गई। नाव पर सवार महिला मजदूर नदी उस पार गेहूं की कटाई करने जा रहीं थीं। पुलिस शवों को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना का कारण नाव में छेद होना बताया जा रहा है।
कुशीनगर में नाव पलटने की घटना पर ज़िलाधिकारी एस.राजलिंगम ने कहा ''''ये घटना दुखद है, उनकी नाव उन्हीं पर पलट गई। हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई, बाकि 7 लोगों को बचा लिया गया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है|
खड्डा थाना क्षेत्र के ग्राम सालिकपुर के पास निकल रही नारायणी नदी में हादसा हुआ है। हनुमानगंज थाना क्षेत्र के पनियहवा के पथलहवा निवासी समसुद्दीन की पत्नी आसमां खातून (38), गांव की ही गुड़िया पुत्री अशरफ (18), सोनी पुत्री पतरू (16) सहित 10 लोग नाव पर थे। बच गए मजदूरों ने बताया कि नारायणी के उस पार स्थित खेत में गेहूं काटने के लिए निकले थे। तैरना नहीं आने के चलते आसमां, गुड़िया और सोनी गहरे पानी में समा गईं। 5 लोग तैरकर नदी से बाहर निकल आए, उन्होंने 2 लोगों को बचा भी लिया।
गेहूं की कटाई करने जा रही थीं महिलाएं
बताया जा रहा है कि गांव बोधी छपरा निवासी मिश्री निषाद का नारायणी नदी उस पार गांव बलुइया रेता में खेत है। खेत में गेहूं की फसल तैयार है। छितौनी के टोला पथलहवा निवासी नौ महिला मजूदरों संग सुबह आठ बजे वह गेहूं की कटाई कराने नाव से नदी उस पार जा रहे थे। बीच नदी में नाव में छेद के चलते पानी भर जाने से अचानक पलट गई। इससे सवार सभी डूबने लगे। यह देख नदी किनारे मछली मार रहे आधा दर्जन मछुआरे साहस दिखाते हुए नदी में कूद गए और डूबते लोगों में 16 वर्षीय कुमकुम, 55 वर्षीय सुरमा देवी, 16 वर्षीय हुस्नआरा, 16 वर्षीय रबिया, 18 वर्षीय नूरजहां, 16 वर्षीय गुलशन निवासी पथलहवा तथा 45 वर्षीय मिश्री निषाद सहित सात को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इनकी हुई मौत
काफी तलाश के बाद भी 18 वर्षीय गुड़िया, 35 वर्षीय आसमां व 18 वर्षीय सोनिया निवासी पथलहवा का पता नहीं चला। एक घंटे की मशक्कत के बाद नदी के बीच शैवाल में फंसे तीनों का शव मिला। शव बरामद होने की खबर मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। अधिक संख्या में गांव के लोग नदी किनारे एकत्रित हो गए। पंचानामा बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया।
एक ही परिवार के दो लोगों की मौत
एक ही परिवार के दो लोगों की मौत के बाद परिजनों पर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा। नाव हादसे में मरने वाली आसमा के पति समसुद्दीन का रो रोकर बुरा हाल है। आसमा चार बच्चों की मां थी। इनके बच्चे गोलू, शारजहां, नूरजहां, अरहम का रो रोकर बुरा हाल है। समसुद्दीन कहते हैं कि उनकी पत्नी सुबह मजदूरी पर गेहूं काटने घर से निकली थी। क्या पता था कि अब कभी वापस नहीं लौटेगी। दूसरी मृतका समसुद्दीन की भतीजी थी।
ससुराल जाने से पहले ही दुनिया से विदा हो गई गुड़िया-रिश्ते में समसुद्दीन की भतीजी गुड़िया की इसी जून महीने में शादी होने वाली थी। सब तैयारी हो गई थी। रोते बिलखते परिजन बताए कि शादी के लिए कुछ सामान भी लड़के वालों को दे दिया गया था। अरमान था कि हाथों में मेंहदी लगाकर ससुराल जाएगी, लेकिन क्या पता था कि उपर वाला असमय बुला लेगा।
सीएम योगी ने दुख जताया
हादसे पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। आदित्यनाथ ने कुशीनगर में नारायणी नदी में हुए नाव हादसे में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की है। महाराज जी ने शीघ्रता से बचाव व राहत कार्य करने तथा घायलों का समुचित उपचार कराए जाने के निर्देश दिए हैं।