ललितपुर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के ललितपुर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता से बुधवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुलाकात की| अखिलेश यादव ललितपुर पहुंचकर पीड़िता और पीड़िता के परिजनों से मुलाकात की| सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर उत्तर प्रदेश पुलिस का राजनीतिक दुरुपयोग करने आरोप लगाया | पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने कहा,''"समाजवादी पार्टी इस पीड़ित परिवार की हर तरह से मदद करेगी और हमेशा साथ खड़ी रहेगी।
अखिलेश यादव ने कहा,''"ललितपुर में एक बेटी के साथ हुए दुष्कर्म के ख़िलाफ़ अगर आज हम सब एक साथ खड़े नहीं हुए तो बेलगाम हो चुकी क़ानून-व्यवस्था हम सबके दरवाज़े तक पहुँच जाएगी। भाजपा सरकार ने पुलिस का राजनीतिक दुरुपयोग कर इंसाफ़ को थानों में गिरवी रख दिया है। ऐसी सरकार से न्याय की अपेक्षा बेमानी है।
ललितपुर में गैंगरेप पीड़िता के परिवार से मिलने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,,रेप पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। शुरू में पुलिस ने मामले में सुनवाई नहीं की। मामले में पुलिस दोषी है...जिससे उम्मीद की जाती है, उनसे न्याय मिलेगा अगर वही पुलिस उस बेटी के साथ ऐसी घटना करे तो सोचिए हम किस दौर में हैं। अब भाजपा की सरकार बताएं पुलिस स्टेशन पर बुलडोज़र चलेगा की नहीं चलेगा|
अगर महिलाओं के लिए थाने ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वो शिकायत लेकर जाएंगी कहां?: प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट में लिखा कि 'ललितपुर में एक 13 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप और फिर शिकायत लेकर जाने पर थानेदार द्वारा बलात्कार की घटना दिखाती है कि "बुलडोजर" के शोर में कानून व्यवस्था के असल सुधारों को कैसे दबाया जा रहा है। अगर महिलाओं के लिए थाने ही सुरक्षित नहीं होंगे तो वो शिकायत लेकर जाएंगी कहां?...
प्रियंका गांधी ने कहा,''क्या उप्र सरकार ने थानों में महिलाओं की तैनाती बढ़ाने, थानों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के लिए गंभीरता से सोचा है? कांग्रेस पार्टी ने अपने महिला घोषणा पत्र में महिला सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे थे। आज ललितपुर है.....ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महिला सुरक्षा और महिला हितैषी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर कदम उठाने ही होंगे।
यूपी की बेटियों के साथ बर्बरता का सिलसिला थम नहीं रहा
प्रियंका गांधी ने कहा,;;मैं पहले से कहती आई हूं और आज भी यही कह रही हूं। उन्नाव, हाथरस, प्रयागराज, चंदौली, ललितपुर... यूपी की बेटियों के साथ बर्बरता का सिलसिला थम नहीं रहा है। रेप पीड़िताएं अगर थाने में भी सुरक्षित नहीं हैं तो वे न्याय मांगने कहां जाएंगी? हर मामले में सरकार की लचर कार्रवाई दिखाती है कि वह न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध नहीं है।
बता दें कि,;;यूपी के ललितपुर जिले में 13 साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में एक एसएचओ समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पहले चार युवकों ने 22 अप्रैल को नाबालिग को कथित अगवा कर भोपाल ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी भागने में सफल रही और अपने घर पहुंच गई। हालांकि, जब वह प्राथमिकी दर्ज करने के लिए पुलिस के पास गई, तो थाना प्रभारी तिलकधारी सरोज ने किशोरी के साथ फिर से बलात्कार किया |
सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हुई एक किशोरी के साथ पाली के थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज ने थाना परिसर में बने अपने कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया। किशोरी को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। एसओ के कहने पर किशोरी की मौसी ही उसे थाने में लेकर पहुंची थी। चाइल्ड लाइन में काउंसलिंग के बाद घटना का खुलासा हुआ। एसपी ने थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है। मामले में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है|
4 नामजद गिरफ़्तार
ललितपुर दुष्कर्म घटना पर कानपुर ज़ोन के ADG भानु भास्कर ने बताया,''ललितपुर जनपद में दुष्कर्म की घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रूप से FIR दर्ज़ किया गया। हमें मिले तथ्यों के आधार पर विवेचना कर 4 नामजद लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है। बाकि नामजद लोगों की गिरफ़्तारी का प्रयास जारी है|
पूरा थाना लाइन हाजिर
मामले में थाना प्रभारी की संलिप्त्ता को देखते हुए उनको सस्पेंड कर उनके खिलाफ़ विभागीय कार्रवाई हो रही है। समस्त थाना पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है जिससे जांच प्रभावित ना हो सके|
DIG झांसी को सौंपी गई जांच
ललितपुर में बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया,''''DIG झांसी को यह जांच दी गई है कि किन परिस्थितियों में ये आरोप थाना के स्टाफ पर लगे हैं तथा वहां के जो भी सुपरवाइजरी अफसर हैं, पर्यवेक्षण करने वाले अधिकारी हैं एसपी सहित, उनकी क्या गलतियां हैं...3 अभियुक्तों की गिरफ़्तारी अभी तक की गई है|