लखनऊ: लखनऊ की कृष्णानगर ने केनरा बैंक में हुए 45 करोड़ गबन मामले में शनिवार को दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने केनरा बैंक के मैनेजर अखिलेश कुमार समेत अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह लोगों के खातों की रकम को फर्जी दस्तावेज के माध्यम से हड़प लेते थे। पुलिस इनके दो अन्य साथियों की तलाश कर रही है। जिनकी ठगी में भूमिका सामने आई है।
इंस्पेक्टर कृष्णानगर आलोक कुमार राय ने बताया कि केनरा बैंक के मैनेजर अखिलेश का धोखाधड़ी में सहयोग करने वाले देवरिया सलेमपुर पिपरा भानमत्ती निवासी मुकेश कुमार और लखनऊ प्रेमनगर गडी कनौरा निवासी सुशील कुमार को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूर्व बैंक मैनेजर अखिलेश कुमार ने ठगी में अमित कुमार, पूर्व सैन्य कर्मी मेजर उर्फ ओम प्रकाश, राजेश सिंह, मुकेश व सुशील समेत छह लोगों के शामिल होने की बात कही थी। जिसमें से अखिलेश, अमित, ओमप्रकाश व राजेश को टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दो अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक केनरा का बैंक प्रबंधक अखिलेश, अमित, ओम प्रकाश, राजेश, मुकेश व सुशील के साथ ठगी करते थे। बैंक मैनेजर के खिलाफ 31 जनवरी 2021 को केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय प्रमुख मनोज कुमार मीणा ने थाने में 45 करोड़ की हेराफेरी का मुकदमा दर्ज कराया था।
बैंक मैनेजर अखिलेश कुमार मोहनलालगंज निवासी अमित तिवारी के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश सड़क हाईवे अथॉरिटी समेत कई सरकारी व निजी लोगों के खातों की रकम की एफडी बनाकर हेराफेरी कर रहा था। इन लोगों ने उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी के खाते में जमा 41.76 करोड़ रुपये दस्तावेजों से हेराफेरी कर एक निजी फर्म के खाते में ट्रांसफर किए थे। जिसे अमित ऑपरेट कर रहा था। इनके गिरोह में आठ लोगों का नाम सामने आया है। दो अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।