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24 अगस्त 2026

सत्ताधारी राजनीतिक दल जब अपराधियों का सरंक्षक बन जाए तो किसान, मज़दूर- गरीब को न्यायालय ही हताशा से बचाता है: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर अखिलेश यादव

नई दिल्ली: लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश याद…

सत्ताधारी राजनीतिक दल जब अपराधियों का सरंक्षक बन जाए तो किसान, मज़दूर- गरीब को न्यायालय ही हताशा से बचाता है: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर अखिलेश यादव
सत्ताधारी राजनीतिक दल जब अपराधियों का सरंक्षक बन जाए तो किसान, मज़दूर- गरीब को न्यायालय ही हताशा से बचाता है: आशीष मिश्रा की बेल खारिज होने पर अखिलेश यादव | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा,'' न्यायपूर्ण निर्णयों से न्याय का मान भी बढ़ता है और न्याय में विश्वास भी| 



अखिलेश यादव ने कहा,''''सत्ताधारी राजनीतिक दल जब अपराधियों का सरंक्षक बन जाए तो किसान, मज़दूर, गरीब और बाकी सारे जनमानस को न्यायालय ही हताशा से बचाता है। न्यायपूर्ण निर्णयों से न्याय का मान भी बढ़ता है और न्याय में विश्वास भी।



समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा ‘लखीमपुर’ न्याय का प्रतीक बनकर इतिहास में दर्ज होना चाहिए; अन्याय का नहीं!



केंद्रीय मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की| सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आशीष मिश्रा की जमानत रद्द की और एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।इस मामले में आशीष मिश्रा को जमानत देने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है| सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट को वापस भेज दिया।



https://www.thevirallines.net/india-news-sc-cancels-bail-granted-to-ashish-mishra-son-of-union-minister-ajay-mishra-in-lakhimpur-kheri-violence-case



सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "पीड़ितों की सुनवाई से इनकार करना और हाईकोर्ट द्वारा दिखाई गई जल्दबाजी जमानत आदेश को रद्द करने के योग्य है ... आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता है और इसे रद्द किया जाना चाहिए।"कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों को जमानत की सुनवाई सहित सभी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार है।सुप्रीम कोर्ट ने तथ्यात्मक योग्यता में प्रवेश करने के लिए भी हाईकोर्ट की आलोचना की, जो ट्रायल का विषय हैं।


https://www.thevirallines.net/uttar-pradesh-news-pre-planned-conspiracy-sit-probing-lakhimpur-kheri-violence-says-the-incident-was-as-per-a-pre-planned-conspiracy


चीफ जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की विशेष पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट ने कई अप्रासंगिक कारकों पर विचार किया और पीड़ितों को याचिका का विरोध करने के लिए पर्याप्त समय दिए बगैर आदेश पारित करने में जल्दबाजी दिखाई। शीर्ष अदालत ने आशीष मिश्रा को एक सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इस मामले पर नए सिरे से विचार करने के लिए भी कहा है। 



https://www.thevirallines.net/india-news-priyanka-gandhi-demanded-dismissal-of-mos-home-ajay-mishra-teni-after-the-sit-probe-in-lakhimpur-kheri-case-revealed-the-matter-of-conspiracy-to-murder





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