लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है,''गन्ना किसानों को बुआई के लिए गन्ने की बेहतर वैरायटी उपलब्ध कराई जाए| उन्होंने कहा कि,'यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति में कोई समस्या न हो। गन्ना किसानों को बुआई के लिए गन्ने की बेहतर वैरायटी उपलब्ध कराई जाए|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) के गठन को बढ़ावा दिया जाए। एफपीओ के गठन के उपरान्त इनका प्रशिक्षण कराते हुए इनकी गतिविधियों को निर्यात के साथ जोड़कर एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए कार्य किया जाए। जनपदों की मैपिंग कराकर उनकी जीडीपी भी तय की जाए|
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में कहा कि जनसमस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी द्वारा जनता की समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाए।
उन्होंने सम्पूर्ण समाधान दिवस (तहसील दिवस) तथा थाना दिवस को और प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल मार्ग पर आवागमन को सुगम एवं सुचारु बनाने के लिए बेहतर व्यवस्था बनाई जाए। अयोध्या में विभिन्न विकास योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित किया जाए|
मुख्यमंत्री ने अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जनता को गुणवत्तापरक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में लोगों को निरन्तर जागरूक किया जाए। विभिन्न प्रचार माध्यमों सहित पब्लिक एड्रेस सिस्टम द्वारा जन-जागरूकता का कार्य लगातार जारी रहे|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''यह सुनिश्चित किया जाए कि कोविड-19 की मेडिकल टेस्टिंग की प्रभावी व्यवस्था निरन्तर बनी रहे। इसके लिए प्रतिदिन पर्याप्त संख्या में RT-PCR तथा रैपिड एण्टीजन टेस्ट किए जाए। इन्टीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को पूरी सक्रियता से संचालित किया जाए|नवस्थापित मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की व्यवस्था की जाए। निर्धारित संख्या में चिकित्सकों की उपलब्धता से मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''स्वीकृत मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड्स एक साथ आमंत्रित की जाएं। यमुना एक्सप्रेस-वे के समीप 100 बेड का एक अस्पताल एवं ट्रॉमा सेन्टर बनाया जाए|