नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव और लोकसभा उपचुनाव में सपा की हार के लिए चुनाव आयोग की बेईमानी जिम्मेदार है| सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनका पूरा ध्यान पार्टी को मजबूत करने पर है। इसी साल सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार में हुए राजनीतिक बदलाव को बिहार के विकास को सकारात्मक संकेत बताया है| उन्हें उम्मीद है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एक मजबूत विकल्प तैयार होगा।
अखिलेश ने कहा है कि ,''बिहार में विकास राष्ट्रीय राजनीति के लिए सकारात्मक संकेत है| उम्मीद है कि 2024 के संसदीय चुनावों में बीजेपी का मजबूत विकल्प बनेगा| उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के सहयोगी दल उससे खुश नहीं हैं और भविष्य में वे इस सत्तारूढ पार्टी से नाता तोड़ लेंगे।
उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 और रामपुर एवं आजमगढ़ लोकसभा सीट के उप चुनाव में सपा की पराजय के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराया। इसे उन्होंने भाजपा की 'बेईमानी' को जिम्मेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर आयोग ने ईमानदारी से काम किया होता तो नतीजे कुछ और ही होते।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने राज्य का पिछला विधानसभा चुनाव लोकतंत्र बचाने की अपील के साथ लड़ा था, मगर नतीजा सबके सामने है। उन्होंने कहा कि देश में अब कोई भी निष्पक्ष संस्थान बाकी नहीं रह गया है। सरकार दबाव डालकर इन संस्थानों से मनमाफिक काम कराती है।
अखिलेश ने कहा है कि ,'बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) से नाता तोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस तथा कई अन्य दलों के साथ मिलकर महागठबंधन की सरकार बनाना एक ‘सकारात्मक संकेत’ है| उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले लोकसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ एक मजबूत विकल्प तैयार होगा|