लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर बैन लगाने की माँग की| केंद्र सरकार द्वारा पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर प्रतिबंध लगाने के बाद शुक्रवार को मायावती ने पीएफआई से आरएसएस की तुलना करते हुए कहा कि ये दोनों समान हैं और प्रतिबंध इन दोनों पर लगना चाहिए|
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया के जरिए कहा, “केन्द्र द्वारा पीपुल्स फ्रण्ट आफ इण्डिया (पीएफआई) पर देश भर में कई प्रकार से टारगेट करके अन्ततः अब विधानसभा चुनावों से पहले उसे उसके आठ सहयोगी संगठनों के साथ प्रतिबन्ध लगा दिया है, उसे राजनीतिक स्वार्थ व संघ तुष्टीकरण की नीति मानकर यहाँ लोगों में संतोष कम व बेचैनी ज्यादा है।
उन्होंने कहा,“यही कारण है कि विपक्षी पार्टियाँ सरकार की नीयत में खोट मानकर इस मुद्दे पर भी आक्रोशित व हमलावर हैं और आरएसएस पर भी बैन लगाने की माँग खुलेआम हो रही है कि अगर पीएफआई देश की आन्तरिक सुरक्षा के लिए खतरा है तो उस जैसी अन्य संगठनों पर भी बैन क्यों नहीं लगना चाहिए?
केंद्र ने 5 साल के लिए PFI को किया बैन
इससे पहले आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने कहा था कि पीएफआई के साथ-साथ आरएसएस पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए| यादव ने कहा कि,'PFI पर जांच हो रही है। PFI की तरह जितने भी संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें RSS भी शामिल है। सभी पर प्रतिबंध लगाया जाए.... सबसे पहले RSS को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है|
लालू यादव ने कहा कि,''PFI की तरह जितने भी नफ़रत और द्वेष फैलाने वाले संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें RSS भी शामिल है। सबसे पहले RSS को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है। आरएसएस पर दो बार पहले भी बैन लग चुका है। सनद रहे, सबसे पहले RSS पर प्रतिबंध लौह पुरुष सरदार पटेल ने लगाया था।