लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार के कार्यकाल के दौरान मंत्री रहे राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज़ किया है। आय से अधिक संपत्ति की जांच के बाद यह मामला दर्ज़ किया गया है| सूत्रों ने बताया,''आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राकेश धर त्रिपाठी के खिलाफ मामला दर्ज़ किया|
मायावती सरकार में 2007-2012 तक उच्च शिक्षा मंत्री रहे राकेशधर त्रिपाठी को इस बार विधानसभा चुनाव में अपना दल (एस) ने प्रतापपुर सीट से टिकट दिया है। इस बीच उनके खिलाफ ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर लिया। ईडी ने उनके खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे को ही आधार बनाया है।
प्रतापपुर सीट से भाजपा की सहयोगी अपना दल (एस) के प्रत्याशी पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कस दिया है। उनके खिलाफ प्रयागराज में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर लिया गया है।
राकेश धर की संपत्तियों की जांच शुरू हो गई है। अवैध रूप से कमाई हुई संपत्तियों का पता लगाकर अब प्रवर्तन निदेशालय की टीम संपत्तियां जब्त करेगी। इससे पूर्व आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने जांच पूरी करके आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
18 जून 2013 को मुट्ठीगंज थाने में विजिलेंस ने राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा लिखाया था। विजिलेंस की जांच में खुलासा हुआ कि 2007 से 2011 तक शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की 49 लाख 49 हजार 928 रुपये की कमाई हुई। लेकिन इस दौरान उन्होंने कुल 2 करोड़ 67 लाख रुपये खर्च किए।
इस तरह से उन पर दो करोड़ 17 लाख रुपये आय से अधिक संपत्ति एकत्र करने का आरोप लगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर विजिलेंस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। हालांकि विजिलेंस की इस जांच में कई बार खेल करने की कोशिश की गई। दो विवेचकों ने इस प्रकरण में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी हुई। आखिर में पूर्व मंत्री के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति प्रकरण में चार्जशीट दाखिल हुआ।