लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने आजमगढ़ उपचुनाव के लिए शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को अपना उम्मीदवार बनाया है। रविवार को बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी की घोषणा की है। मायावती ने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली का नाम फाइनल किया है|
शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने हाल ही में एआईएमआईएम छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने एआईएमआईएम के टिकट पर आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। पार्टी अध्यक्ष मायावती ने उन्हें आजमगढ़ लोकसभा सीट से उपचुनाव के लिए प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है। अब उपचुनाव में वह आजमगढ़ सीट से बसपा का झंडा बुलंद करेंगे।
बसपा की चुनावी हार पर समीक्षा बैठक में मायावती ने कहा.'''पार्टी की मुखिया होने के नाते यह पूरी-पूरी कोशिश करूँगी कि यूपी में बी.एस.पी. से जुड़ा अपरकास्ट, पिछड़ा वर्ग व मुस्लिम समाज भी अब आगे किसी भी चुनाव में बीजेपी व सपा आदि के बहकावे में कतई भी ना आये और वे फिर से बी.एस.पी. से जुड़कर यहाँ बीजेपी को सत्ता में आने से भी जरूर रोकेंगे। अपनी सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीतियों पर अभी भी कायम व प्रयास-रत है जिसे मद्देनजर रखते हुये ही आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव में शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को चुनाव लड़ाने का फैसला लिया है।
करहल से विधायक बनने के बाद अखिलेश यादव ने हाल में आजमगढ़ की सांसदी छोड़ी है। ऐसे में अब यहां लोकसभा उपचुनाव होना है। तारीख की घोषणा तो अभी नहीं हुई है लेकिन बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा दांव खेल दिया है। ऐसे में अब आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव दिलचस्प होने के आसार है।बता दें कि UP विधानसभा चुनाव में जिले की सभी सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत हुई थी।
मुबारकपुर विधानसभा सीट से 2012 और 2017 में बसपा के टिकट पर विधायक बने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनके समाजवादी पार्टी में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। लेकिन जब सपा ने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया तो उन्होंने एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा। हालांकि इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन अब उन्होंने फिर से बसपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है।