लखनऊ: समाजवादी पार्टी द्वारा राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के साझा उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को समर्थन देने के फैसले पर पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने एक बार अखिलेश यादव पर निशाना साधा है| शिवपाल सिंह यादव ने कहा,'यशवंत सिन्हा ने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आईएसआई का एजेंट बताया था। फिर भी आप उनका राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन कर रहे है|
शिवपाल सिंह यादव ने कहा,'सपा के वर्तमान नेतृत्व ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है,जिसने हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा व ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को 'आईएसआई'का एजेंट बताया था। पार्टी नेतृत्व के इस फैसले के विरुद्ध मेरी घोर असहमति है। नेताजी के अपमान की शर्त पर कोई फैसला मंजूर नहीं।
अखिलेश यादव को लिखी चिट्ठी में शिवपाल सिंह यादव ने कहा,' यह नियति की अजीब विडम्बना है कि समाजवादी पार्टी ने राष्ट्रपति चुनाव में उस व्यक्ति का समर्थन किया है, जिसने हम सभी के अभिभावक और प्रेरणा व ऊर्जा के स्रोत आदरणीय नेताजी को उनके रक्षा मंत्रित्व काल में पाकिस्तानी गुप्तचर संस्था आईएसआई का एजेंट बताया था।
शिवपाल ने कहा,''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि समाजवादी पार्टी को राष्ट्रपति प्रत्याशी के तौर पर एक अदद समाजवादी विरासत वाला नाम न मिला। यह कहते हुए मझे दःख और क्षोभ हो रहा है कि जो समाजवादी कभी नेताजी के अपमान पर आग बबूला हो जाते थे, आज उसी विरासत के लोग नेताजी को अपमानित करने वाले व्यक्ति का राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन कर रहे हैं।
शिवपाल ने कहा,''ऐसा लगने लगा है कि पूरी पार्टी मजाक का पात्र बनकर रह गई है। अखिलेश यादव मुझे अपनी सीमाएं पता है, आप समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं, ऐसे में मेरा सुझाव है कि उपरोक्त बिंदुओं के आलोक में अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।
केशव मौर्य ने अखिलेश पर कसा था तंज
शिवपाल से पहले, यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी सपा प्रमुख पर निशाना साधा था। केशव मौर्य ने कहा,'' यशवंत सिन्हा ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को आईएसआई एजेंट करार दिया था। मौर्य ने अखबार की कटिंग शेयर कर अखिलेश से पूछा कि,'' यशवंत सिन्हा के इस बयान पर आप क्या कहेंगे?
केशव मौर्य ने जिस खबर के हवाले से यह दावा किया है। वह 15 जनवरी 1997 में एक अंग्रेजी अखबार में छपी थी। तब एचडी देवगौड़ा प्रधानमंत्री हुआ करते थे और मुलायम सिंह यादव रक्षा मंत्री। यशवंत सिन्हा उस समय बीजेपी के कद्दावर नेता थे।
केशव प्रसाद मौर्य ने ट्वीट किया,'सपा अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी जिन्हें आप राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दे रहे हैं,श्री मुलायम सिंह यादव जी के लिए दिये बयान पर क्या कहेंगे!
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा,''विधायक शिवपाल सिंह यादव की चिट्ठी के बाद यूपी के लोग अखिलेश यादव जी से जानना चाहते हैं कि विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के बयान का समर्थन करते हैं कि विरोध|
18 जुलाई को होनी है वोटिंग
देश का अगला राष्ट्रपति चुनने के लिए 18 जुलाई को मतदान होगा | 21 जुलाई को देश के नए राष्ट्रपति के नाम का ऐलान किया जाएगा।
अखिलेश में राजनीतिक परिपक्वता की कमी
आपको बता दें कि 'समाजवादी पार्टी के विधायक शिवपाल सिंह यादव ने 08 जुलाई, 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी| 09 जुलाई, 2022 को उन्होंने कहा था,'समाजवादी पार्टी ने बुलाया और न ही वोट मांगा। 'हमें समाजवादी पार्टी की तरफ कभी भी किसी मीटिंग में नहीं बुलाया गया, 7 जुलाई को भी यशवंत सिन्हा यहां थे लेकिन नहीं बुलाया गया। राजनैतिक अपरिपक्वता की कमी होने के कारण ये सब होता चला जा रहा है और पार्टी कमजोर हो रही है, लोग पार्टी छोड़ रहे हैं|
उन्होंने कहाथा ,''जब मैंने समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ा और जीता तो हमसे भी राय लेनी चाहिए। अगर मेरा सुझाव माना गया होता और उन 100 प्रत्याशियों को टिकट दिया गया होता जिनका सुझाव हमने एक साल पहले दिया था तो आज समाजवादी पार्टी की स्थिति कुछ और होती|