लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल सुबह 10 बजे लखनऊ के लोक भवन में अपनी पहली कैबिनेट बैठक करेंगे, इसके बाद वह राजभवन में सुबह 11 बजे प्रोटेम स्पीकर के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में अतिरिक्त मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों और शीर्ष अधिकारियों को सुबह 11:30 बजे योजना भवन में संबोधित करेंगे।
योगी 2.0 सरकार की शपथ पूरी हो गई है। योगी ने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने| केशव मौर्य हार के बाद भी डिप्टी सीएम बनाए गए। वहीं बृजेश पाठक ने योगी की पहली सरकार में डिप्टी सीएम रहे दिनेश शर्मा को रिप्लेस किया है। फिर 50 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। कुल 52 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 16 कैबिनेट, 14 स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्य मंत्री हैं।
पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, सतीश महाना, मोहसिन रजा समेत पिछली सरकार के 20 मंत्रियों को इस सरकार में जगह नहीं मिली है। वहीं, सीएम योगी ने मंत्रियों के साथ देर रात लोकभवन में बैठक कर कामकाज भी शुरू कर दिया है।
योगी की नई कैबिनेट में 38 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। मतलब, ये सभी विधानसभा चुनाव जीतकर आए हैं। वहीं, 9 MLC भी मंत्री बनाए गए हैं। जबकि 5 नाम ऐसे हैं, जो न विधायक हैं, न ही MLC हैं। यानी इन्हें अगले 6 महीने में सदन पहुंचना होगा। पिछली योगी सरकार के पहले शपथ में 46 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 24 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार और 13 राज्यमंत्री थे।
मंत्री बनने वाले MLC
इसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, एके शर्मा, जितिन प्रसाद, आशीष पटेल, संजय निषाद, स्वतंत्र देव सिंह, धर्मवीर प्रजापति, भूपेंद्र चौधरी, दिनेश प्रताप सिंह शामिल हैं।
वे 5 मंत्री जो न विधायक हैं, न ही MLC
इन नामों ने हर किसी को चौंका दिया। इसमें दानिश आजाद अंसारी, जसवंत सैनी, दयाशंकर मिश्र दयालु, जेपीएस राठौर और नरेंद्र कश्यप का नाम शामिल है। चुनाव हारने के बाद मंत्री बनने वालों में एक मात्र चेहरा केशव प्रसाद मौर्य हैं। जो डिप्टी सीएम बनाए गए हैं।
52 मंत्रियों में सबसे ज्यादा 18 मंत्री OBC चेहरे
मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 18 मंत्री ओबीसी, 10 ठाकुर, 8 ब्राह्मण, 7 दलित, 3 जाट, 3 बनिया, 2 पंजाबी और एक मुस्लिम चेहरे शामिल हैं।
- पहले बात 2 डिप्टी सीएम और 18 कैबिनेट मंत्रियों की-
- 1- योगी आदित्यनाथ- सीएम, लगातार दूसरी बार बने।
- 2-केशव मौर्य- डिप्टी सीएम, दूसरी बार, सिराथू से चुनाव हार गए थे, ओबीसी का बड़ा चेहरा।
3-बृजेश पाठक- डिप्टी सीएम, पिछली सरकार में कानून मंत्री थे, ब्राह्मण चेहरा, दिनेश शर्मा को रिप्लेस किया है।
4-सुरेश कुमार खन्ना- कैबिनेट मंत्री- शाहजहांपुर से 9वीं बार विधायक बने हैं, पिछली कैबिनेट में वित्त मंत्री थे।
5-सूर्य प्रताप शाही- पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पिछली सरकार में कृषि मंत्री थे।
6-स्वतंत्र देव सिंह- प्रदेश अध्यक्ष, पिछली सरकार में भी मंत्री थे, संगठन और योगी के खास।
7-बेबी रानी मौर्य- उत्तराखंड में राज्यपाल रह चुकी हैं। दलित चेहरा हैं।
8-लक्ष्मी नारायण चौधरी- मथुरा से विधायक, जाट नेता, पहले बसपा में थे।
9-जयवीर सिंह- मैनपुरी से जीतकर आए हैं। मैनपुरी सपा का गढ़ है।
10धर्मपाल सिंह- रुहेलखंड के आंवाला से विधायक हैं। पिछली सरकार में सिंचाई मंत्री थे।
11-नंद गोपाल नंदी- प्रयागराज से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे। बिजनेसमैन भी हैं। सबसे अमीर मंत्रियों में भी इनका नाम शुमार है।
12-भूपेद्र चौधरी- बिजनौर से आते हैं, ये MLC हैं। पिछली सरकार में पंचायती राज मंत्री थे।
13-अनिल राजभर- शिवपुर से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे। पहले सपा सरकार में थे।
14-जितिन प्रसाद- ब्राह्मण चेहरा, MLC हैं। एक साल पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे।
15-राकेश सचान- कानपुर देहात जिले की भोगनीपुर सीट से विधायक हैं। पहली बार मंत्री बने हैं।
16-अरविंद कुमार शर्मा- मोदी के खास ब्यूरोक्रेट्स में शुमार। आईएएस की नौकरी छोड़कर दो साल पहले राजनीति में आए थे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं।
17-योगेंद्र उपाध्याय- आगरा दक्षिणी से विधायक हैं। लगातार तीसरी बार चुनाव जीता है।
18-आशीष पटेल- केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं। अपना दल एस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। फिलहाल एमएलसी हैं।
19-संजय निषाद- निषाद पार्टी के अध्यक्ष हैं। एमएलसी हैं। निषाद जातियों पर अच्छी पकड़ है।
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) :
नितिन अग्रवाल- भाजपा राम नरेश अग्रवाल के बेटे हैं।
कपिल देव अग्रवाल- मुजफ्फरनगर से भाजपा विधायक हैं।
रवींद्र जायसवाल- वाराणसी से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
संदीप सिंह- पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
गुलाब देवी- भाजपा की वरिष्ठ नेता, चंदौसी से विधायक हैं।
गिरीचंद्र यादव - जौनपुर से विधायक हैं।
धर्मवीर प्रजापति- एमएलसी हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
असीम अरुण- पूर्व आइपीएस, कन्नौज से विधायक चुने गए हैं।
जेपीएस राठौर- नया चेहरा, पहली बार विधायक बने हैं।
दयाशंकर सिंह - बलिया से विधायक, पूर्व मंत्री स्वाति सिंह के पति हैं। पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। मायावती पर विवादित बयान के बाद पार्टी से निष्कासित हो गए थे।
नरेंद्र कश्यप- भाजपा पिछड़ा मोर्चा के अध्यक्ष हैं।
दिनेश प्रताप सिंह- MLC हैं। सोनिया गांधी की संसदीय क्षेत्र रायबरेली से आते हैं।
अरुण कुमार सक्सेना- बरेली से विधायक हैं। पेशे से डॉक्टर हैं।
दयाशंकर मिश्र दयालु- कुछ समय पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे।
राज्यमंत्री:
मयंकेश्वर सिंह -अमेठी से आते हैं।
दिनेश खटीक-मेरठ से विधायक हैं।
संजीव गोंड-पिछली सरकार में मंत्री थे।
बलदेव सिंह ओलख-307 वोटों से जीते थे।
अजीत पाल-कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक। पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
जसवंत सैनी- पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रहे हैं।
रामकेश निषाद- तिंदवारी से विधायक।
मनोहर लाल मन्नू कोरी- महरौली से विधायक हैं।
संजय गंगवार- पीलीभीत से विधायक हैं।
बृजेश सिंह- देवबंद से विधायक, ठाकुर चेहरा।
केपी मलिक- बड़ौत से विधायक।
सुरेश राही- सीतापुर से विधायक।
सोमेंद्र तोमर- मेरठ से विधायक हैं। एबीवीपी नेता रहे हैं।
अनूप प्रधान वाल्मीकि- अलीगढ़ की खैर विधानसभा सीट से दूसरी बार जीते हैं।
प्रतिभा शुक्ला- अकबरपुर रानिया से विधायक।
राकेश राठौर गुरू- सीतापुर से विधायक हैं।
रजनी तिवारी- हरदोई जिले की शाहाबाद सीट से चुनाव जीता है।
सतीश शर्मा- दरियाबाद से विधायक बने हैं।
दानिश आजाद अंसारी- एबीवीपी नेता हैं। अभी न विधायक हैं, न एमएलसी। एकमात्र मुस्लिम चेहरा हैं।
विजय लक्ष्मी गौतम- देवरिया की सुरक्षित सलेमपुर सीट से विधायक चुनी गईं हैं।