लखनऊ: विधान परिषद में सीएम योगी ने कहा, कोरोना काल में जो भी प्रदेश में आया वो भूखा-प्यासा नहीं रहा, उसे भोजन मिला, जनता का सहयोग मिला, कोई दुर्व्यवहार नहीं हुआ। हमने जाति नहीं देखी, मजहब नहीं देखा। अटल जी ने कहा था... आदमी न ऊंचा होता है, न नीचा होता है, आदमी न छोटा होता है, न बड़ा होता है...आदमी तो आदमी होता है...
यूपी बजट पर विधान परिषद में भाषण देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,''लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का पलायन हुआ। इनमें केवल उत्तर प्रदेश के लगभग 40 लाख श्रमिक कामगार थे। इसके अलावा लगभग 60 लाख श्रमिक यूपी से होते हुए नॉर्थ ईस्ट की ओर गए। इन सभी लोगों के भोजन, उपचार और रहने की व्यवस्था UP Govt की ओर से की गई|
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,कोरोना काल में यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी सामान की कमी न हो। प्रदेश की चीनी मिलों में सैनिटाइजर बनाने का काम किया गया। इससे प्रदेश में सैनिटाइजर की उपलब्धता बढ़ गई। साथ ही देश के 27 राज्यों को सैनिटाइजर सप्लाई भी किया गया| कोरोना काल में कोटा से 14,000 बच्चों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों से सुरक्षित प्रदेश में लाया गया। प्रयागराज में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों को भी उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया गया|
जब कोटा से हम विद्यार्थियों को ला रहे थे, उसी समय तय किया था कि प्रदेश के युवाओं को ऐसी सुविधा देंगे ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उन्हें बाहर ना जाना पड़े। आज प्रदेश में 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' प्रारंभ हो चुकी है|
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,''उत्तर प्रदेश पहला राज्य था जिसने श्रमिकों को भरण पोषण भत्ता और राशन देना शुरू किया। प्रदेश में आए कामगारों को राशन कार्ड और राशन किट उपलब्ध करवाई। राशन कार्ड की बाध्यता समाप्त की। राशन कार्ड के साथ तुरंत नि:शुल्क राशन उपलब्ध करवाया| प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2020 से नवंबर 2020 तक हर गरीब को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराया। आत्मनिर्भर भारत पैकेज, जिसमें 10 लाख से अधिक MSME इकाइयों को बैंक से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराया गया। सवा लाख से ज्यादा रोजगार मुहैया कराए गए, जो आज भी चल रहे हैं|