मैनपुरी: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UttarPradesh Elections 2022) के लिए मैनपुरी की करहल विधानसभा विधानसभा सीट अपना नामांकन दाख़िल किया। नामांकन दाखिल करने के बाद अखिलेश यादव ने कहा,''उत्तर प्रदेश का चुनाव देश का चुनाव है, ऐतिहासिक परिवर्तन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश खुशहाली के रास्ते पर जाएगा। जो लोग लगातार नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं उनको यहां की जनता सबक सीखाने का काम करेगी|
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,'अब तक आई सूची में उनके ऐसे 99 प्रत्याशी हैं जिन पर आपराधिक मामले हैं, मैं भाजपा से कहूंगा कि ये 99 ठीक नहीं लग रहा है 100 के पार जाओगे तो सबकी जानकारी में आएगा कि तुमने कितने आपराधिक मुकदमे वालों को टिकट दिया है|
इस दौरान जब अखिलेश यादव ने पूछा गया कि बीजेपी इस सीट से अपर्णा यादव को चुनाव मैदान में उतार सकती है| इस पर अखिलेश यादव ने कहा, बीजेपी करहल से जिसे भी उतारेगी, उसे हार मिलेगी| करहल सपा का गढ़ मानी जाती है| 1993 से करहल में सपा का कब्जा रहा| लेकिन सिर्फ 2002 में इस सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी की जीत हासिल हुई थी|
अखिलेश यादव ने कहा,''करहल विधानसभा क्षेत्र घर के पास का घर है, नेताजी और समाजवादी पार्टी का करहल से पुराना रिश्ता रहा है। यहां के लोगों ने हमेशा एक सकारात्मक राजनीति को आगे बढ़ाया है और मुझे उम्मीद है कि यहां के लोग नकारात्मक राजनीति करने वालों को हराएंगे|
करहल विधानसभा सीट मैनपुरी जिले की महत्वपूर्ण सीट है| सोबरन सिंह यादव पिछले 4 बार से करहल से विधायक है| यहां साल 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी| साल 1993 से लेकर आज तक में सिर्फ एक बार साल 2002 में यहां सपा को हार का मुंह देखना पड़ा था| समाजवादी पार्टी के बाबूराम यादव साल 1993 और 1996 में करहल से चुनाव जीते| साल 2002 में सोबरन सिंह यादव बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीते| साल 2007 में सपा ने फिर से वापसी की और सोबरन सिंह ही साइकिल के सिंबल पर विधायक बने|