मुरादाबाद: मुरादाबाद के गलशहीद थानाक्षेत्र के असलतपुर इलाके में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। हादसे में पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों में मां, बेटी और उसके तीन बच्चे हैं। आसपास के लोगों ने रेस्क्यू कर 7 लोगों को बचा लिया। सूचना पर डीएम, एसपी पुलिस फोर्स और फायर ब्रिगेड की मौके पर पहुंचे। बिल्डिंग में फंस अन्य लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
मुरादाबाद DM शैलेंद्र सिंह ने बताया,''3 मंजिला इमारत में एक ही परिवार के लोग रहते थे। इस अग्निकांड में 5 लोगों की मृत्यु हुई है और 7 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। आग लगने के कारण की जांच की जा रही है|
मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा, "आग को बुझाने का कार्य किया जा रहा है। 7 लोगों को निकाल लिया गया है। बाकी फंसे हुए लोगों को निकालने की कार्रवाई जारी है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद मुरादाबाद में आग लगने के हादसे में हुई जनहानि पर गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को दुर्घटना में झुलसे लोगों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।
गलशहीद थानाक्षेत्र के असालतपुरा की पुलिया के पास गली में स्क्रैप कारोबारी इरशाद कुरैशी का तीन मंजिला घर है। मकान के भूतल पर उन्होंने स्क्रैप गोदाम बना रखा है। जबकि ऊपरी मंजिल पर परिवार रहता है। बृहस्पतिवार की शाम करीब 7:30 बजे गोदाम में अचानक आग लग गई। जिसकी लपटें मकान की ऊपरी मंजिल पर पहुंच गईं। देखते ही देखते ही आग पूरे घर में फैल गई।
घर में मौजूद लोगों में चीख पुकार मच गई। इमारत से चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की लपटों के बीच कोई अंदर घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। बच्चे और महिलाएं जान बचाने की गुहार लगा रही थीं। इसी बीच पांचों लोग आग में बुरी तरह से फंस गए। जब तक लोग उन्हें निकालते पांचों की मौत हो गई। चीख-पुकार की आवाज सुन थर्ड फ्लोर में फंसे इरशाद के रिश्तेदारों को रेस्क्यू कर निकाला गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। इस बीच स्थानीय लोगों की मदद से सात लोगों को पड़ोस के मकानों से सीढ़ी लगाकर बाहर निकाल लिया गया। मरने वालों में 7 साल की नाफिया, 3 साल का इबाद, 12 साल की उमेमा, 35 साल की समा परवीन, 65 साल के कमर आरा हैं। शमा परवीन उत्तराखंड के रानीखेत की रहने वाली थीं। वह यहां अपनी मां कमर आरा के घर दो भतीजी की शादी में आई थीं। वह गवर्नमेंट स्कूल में टीचर थीं।